गदरपुर विधायक के विवाद से बीजेपी में बढ़ा घमासान! बलूनी और त्रिवेंद्र की मुलाकात ने बढ़ाई गतिविधियाँ
रैबार डेस्क: गदरपुर विधानसभा और विधायक अरविंद पांडेय़ के कारण भाजपा में इन दिनों घमासान... The post गदरपुर के बहाने बीजेपी में घमासान! बलूनी के बाद त्रिवेंद्र पहुंचे अरविंद पांडे के घर, महेंद्र बोले समान्य प्रक्रिया appeared first on Uttarakhand Raibar.
गदरपुर विधायक के विवाद से बीजेपी में बढ़ा घमासान! बलूनी और त्रिवेंद्र की मुलाकात ने बढ़ाई गतिविधियाँ
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कम शब्दों में कहें तो, गदरपुर विधानसभा के विधायक अरविंद पांडेय के कारण बीजेपी में मचा घमासान इन दिनों गर्माता जा रहा है। पार्टी के दो बड़े नेताओं की मुलाकात ने सियासी हलचलों को और तेज कर दिया है।
गदरपुर विधानसभा क्षेत्र और उसके विधायक अरविंद पांडेय के कारण BJP में इन दिनों घमासान मचा हुआ है। हाल ही में, पांडे के परिजनों के खिलाफ जमीन कब्जाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है, जिसके बाद विधायक ने पीएम के नाम एक शिकायती पत्र भी लिखा था। यह पत्र वायरल होने के बाद सियासी तापमान और भी बढ़ गया है।
क्या है मामला?
पूर्व कैबिनेट मंत्री और गदरपुर के विधायक अरविंद पांडेय कुछ समय से धामी सरकार से नाराज चल रहे हैं। उनका यह मनोबल कई बार मीडिया में सार्वजनिक रूप से व्यक्त हो चुका है। पांडे की नाराजगी का मुख्य कारण सरकार की नाकामी बताई जा रही है। जमीन कब्जाने के आरोप में मामला दर्ज होने के अलावा, पीएम को लिखी गई शिकायती चिट्ठी ने भी नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
नेताओं की मुलाकातें
गदरपुर स्थित अरविंद पांडेय के आवास पर राजनीतिक हलचलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिन, पौड़ी गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने पांडे से मुलाकात की, जिसमें लगभग आधे घंटे की बातचीत हुई। हालांकि इस मुलाकात का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन इसके बाद हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी पांडे के घर पहुंचकर लम्बी बातचीत की। इस मुलाकात ने सियासी गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया है।
सीएम और पार्टी प्रमुख की प्रतिक्रिया
इस प्रकरण पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पार्टी में सब कुछ सामान्य है और उन्होंने किसी भी बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलों को खारिज किया। हालांकि, लगातार हो रही मुलाकातों ने राजनीतिक चर्चाओं को और प्रोत्साहन दिया है।
वहीं, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन और रणनीति को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। उनका कहना था कि वरिष्ठ नेताओं की मुलाकातें सामान्य प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं।
आगे की संभावनाएँ
गदरपुर के इस राजनीतिक संग्राम ने बीजेपी के अंदर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी किस प्रकार से इस स्थिति का समाधान करती है। क्या अरविंद पांडे की नाराजगी का कोई ठोस उपाय निकाला जा सकेगा? इंतज़ार कीजिये आने वाले समय में और अधिक अपडेट्स के लिए India Twoday पर।
सार्वजनिक बयान या प्रतिक्रिया अब न केवल गदरपुर, बल्कि समस्त उत्तराखंड के बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीति की अदृश्य धारा को उजागर कर दिया है।
टीम इंडिया टुडे
प्रियंका शर्मा
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