ग्लेशियर झीलों की निगरानी को मिली नई तकनीकी ताकत: चमोली के वसुंधरा ताल में स्थापित होगा उत्तराखण्ड का पहला अर्ली वार्निंग सिस्टम
उत्तराखण्ड में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हिमनद झीलों के टूटने से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरे—ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के जोखिम को कम करने के लिए राज्य सरकार…
उत्तराखण्ड में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हिमनद झीलों के टूटने से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरे—ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के जोखिम को कम करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण तकनीकी पहल शुरू की है। प्रदेश की ग्लेशियल झीलों में पूर्व चेतावनी तंत्र (EWS) स्थापित करने की शुरुआत चमोली जनपद स्थित वसुंधरा ताल से की जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय से सीबीआरआई…
What's Your Reaction?