टीबी मुक्त भारत अभियान में लापरवाही पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का कड़ा रुख: जिलाधिकारियों को ‘प्रतिकूल प्रविष्टि’ देने के निर्देश

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों (DM) और मुख्य चिकित्सा…

Jun 19, 2026 - 00:27
 52  5670
टीबी मुक्त भारत अभियान में लापरवाही पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का कड़ा रुख: जिलाधिकारियों को ‘प्रतिकूल प्रविष्टि’ देने के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर बेहद कड़

टीबी मुक्त भारत अभियान में लापरवाही पर कड़ा रुख

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्वास्थ्य योजनाओं की धीमी प्रगति पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने बड़े स्तर पर प्रशासनिक परिवर्तन की आवश्यकता को महसूस करते हुए जिलाधिकारियों को 'प्रतिकूल प्रविष्टि' देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव का कड़ा पालन

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में सचिवालय में आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में यह फैसला लिया। इस बैठक में जिलाधिकारियों (DM) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) ने हिस्सा लिया। बर्द्धन ने स्पष्ट किया कि राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं की सुस्त रफ्तार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह आवश्यक है कि सभी जिला अधिकारी अपने काम में तेजी लाएं।

टीबी मुक्त भारत अभियान का महत्व

टीबी मुक्त भारत अभियान देश के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य 2025 तक ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को खत्म करना है। भारत में हर साल लाखों लोग टीबी से प्रभावित होते हैं, और इसके इलाज में हो रही देरी संक्रामक रोगों के फैलने का कारण बन सकती है। इसलिए, अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे इस अभियान की प्रगति को सही दिशा में सुनिश्चित करें।

प्रशासनिक शिथिलता पर नाराजगी

मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं में प्रशासनिक शिथिलता को सहन नहीं किया जाएगा, और सभी जिम्मेदार अधिकारियों को काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि टीबी के मामलों की पहचान, उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया में कोई सुधार न हो।

अधिकारी दिए गए निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए जवाबदेह रहेंगे। बर्द्धन का यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

समाजिक जागरूकता जरूरी

टीबी मुक्त भारत अभियान की सफलता के लिए सामाजिक जागरूकता भी बेहद आवश्यक है। यह जरूरी है कि लोग टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक हों और समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, सरकार को समुदाय के स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए, जिससे लोग टीबी के बारे में जान सकें और इसे रोकने में सहयोग कर सकें।

निष्कर्ष

इसके माध्यम से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीरता लाना अत्यंत आवश्यक है। उनका कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि टीबी मुक्त भारत अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करनी है, तो सभी संबंधित अधिकारियों को मिलकर कार्य करना होगा।

अधिक जानकारी के लिए, इंडिया टुडे पर जाएं।

सादर,
टीम इंडिया टुडे
संजना शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow