ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में मूसलाधार बारिश से मलबा, दो परिवार सुरक्षित स्थल पर शिफ्ट

चमोली। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव में एक बार फिर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। गांव के ऊपर स्थित पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पानी का तेज बहाव आबादी क्षेत्र में पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मलबा …

Jul 31, 2026 - 00:27
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ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में मूसलाधार बारिश से मलबा, दो परिवार सुरक्षित स्थल पर शिफ्ट
चमोली। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव में एक बार फिर भू

ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में मूसलाधार बारिश से मलबा, दो परिवार सुरक्षित स्थल पर शिफ्ट

कम शब्दों में कहें तो, चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव में भूस्खलन का खतरा गहरा हो गया है। जिससे प्रभावित होकर स्थानीय प्रशासन ने दो परिवारों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया है।

चमोली। चमोली जिले में मूसलाधार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। इस लगातार बारिश के कारण ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव में फिर से भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पहाड़ी से गिरने वाले भारी मलबे और पानी के तेज बहाव ने गांव के तटवर्ती क्षेत्रों को गंभीर खतरे में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों को इस स्थिति के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क संपर्क और फसलों पर प्रभाव

मलबा और पानी के बहाव ने गांव के संपर्क मार्गों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा, खेतों में खड़ी फसलों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। गांव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र से दो परिवारों को उचित स्थानों पर सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया है। प्रशासन की टीमें हालात की निरंतर निगरानी कर रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों का यथाशीघ्र आकलन किया जा रहा है।

आपदा राहत कार्यों की तत्परता

गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने मानसून और आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि भूस्खलन और अत्यधिक वर्षा के कारण अवरुद्ध हुए सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।

उन्होंने निर्देश दिया कि आपदा से सरकारी और निजी संपत्तियों को होने वाले नुकसान का तुरंत आकलन किया जाए और जान-माल की क्षति होने पर प्रभावित परिवारों को निर्धारित समय सीमा में सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नदियों और गाड़-गदेरों के किनारे रहने वालों की सुरक्षा

मंडलायुक्त ने नदियों और गाड़-गदेरों के किनारे बसे लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने सलाह दी कि यदि आवश्यकता हो तो संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया जाए और उनके भोजन, आवास तथा अन्य आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए। इसके अतिरिक्त, मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से बचाव के लिए नालियों और जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया है।

चारधाम यात्रा की दिशा में निर्देश

मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के दृष्टिगत, मंडलायुक्त ने चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और आवश्यकतानुसार यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर यात्रियों को सुरक्षित ठिकानों पर ठहराया जाएगा।

इस प्रकार, किमाणा गांव में मूसलाधार बारिश ने स्थानीय लोगों के जीवन को बाधित कर दिया है। प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए अपनी सक्रियता बनाए रखे हुए है और लगातार प्रयास कर रहा है कि लोगों को राहत प्रदान की जा सके।

बातचीत और साझा की गई जानकारी के लिए धन्यवाद। भविष्य में होने वाली किसी भी आपदा से निपटने में हम हमेशा तत्पर रहेंगे।

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सादर, टीम इंडिया ट्वोडे (संगीता)

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