दक्षिण कश्मीर के क्यूं शहीद हुए अग्निवीर दीपक सिंह, चंपावत का अद्वितीय बलिदान

रैबार डेस्क: भारतीय सेना में अग्निवीर दीपक सिंह जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध परिस्थितियों में... The post सैन्यधाम का लाल देश पर कुर्बान, चंपावत के अग्निवीर दीपक सिंह एलओसी पर शहीद appeared first on Uttarakhand Raibar.

Nov 24, 2025 - 00:27
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दक्षिण कश्मीर के क्यूं शहीद हुए अग्निवीर दीपक सिंह, चंपावत का अद्वितीय बलिदान
रैबार डेस्क: भारतीय सेना में अग्निवीर दीपक सिंह जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध परिस्थितियों म

दक्षिण कश्मीर के क्यूं शहीद हुए अग्निवीर दीपक सिंह, चंपावत का अद्वितीय बलिदान

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कम शब्दों में कहें तो, भारतीय सेना में अग्निवीर दीपक सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में अपने देश की रक्षा करते हुए शहादत को गले लगा लिया। यह घटना पूरे देश को एक बार फिर से उन बलिदानों की याद दिलाती है जो हमारे सैनिक हर दिन करते हैं।

चंपावत के खरही गांव के दीपक सिंह, जो मात्र 23 वर्ष के थे, हाल ही में अपनी छुट्टियों को समाप्त कर लौटे थे। वह 18 कुमाऊं रेजिमेंट के साथ दो साल पहले ही सेवा में आए थे। पुंछ जिले की मेंढर तहसील में एलओसी के पास तैनात दीपक के साथी जवानों ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जब साथी जवान मौके पर पहुंचे, तब दीपक जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे। उन्हें तुरंत बटालियन के चिकित्सा शिविर में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ड्यूटी पर लौटने के 10 दिन बाद हुई इस दुःखद घटना ने एक परिवार को अंधकार में डाल दिया। दीपक का परिवार उनकी शादी की तैयारी कर रहा था और रिश्ते भी आने लगे थे। अब अचानक आई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की जानकारी लेकर जांच के आदेश दिए हैं। रेजिमेंट के अधिकारी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर हर संभव सहायता देने का आश्वासन दे रहे हैं। दीपक के पिता शिवराज सिंह, माता तारा देवी, दो बड़ी बहनें और एक छोटा भाई इस विनाशकारी घटना से बहुत प्रभावित हैं। चौकी पर तैनात दीपक हाल ही में छुट्टी लेकर अपने गाँव आए थे और स्थानीय खरही मेले में भी शामिल हुए थे। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है।

दीपक का बलिदान न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। हम सभी को अपने वीर जवानों की शहादत को मानना चाहिए और उनके प्रति अपने कर्तव्यों को याद करना चाहिए। इस त्रासदी से यह भी स्पष्ट हो जाता है कि हमारे सैनिक किन स्थितियों में देश की रक्षा करते हैं, और ऐसा बलिदान हमें और मजबूत बनाता है।

शहीद दीपक सिंह की आत्मा को शांति मिले। इस शहीद के अद्वितीय बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। उसके परिवार के सदस्यों और सभी ग्रामीणों को हमारी हार्दिक संवेदनाएँ। इस तरह की घटनाएँ हमें एकजुट होने और अपने वीरों की कद्र करने की याद दिलाती हैं।

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सादर,

टीम इंडिया टुडेज (स्वाति वर्मा)

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