दिल्ली-देहरादून ग्रीन कारिडोर का लोकार्पण, रोजगार और पर्यटन के नए अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण •रोजगार और पर्यटन का पर्याय बनेगा ग्रीन कॉरिडोर देहरादून: 14 अप्रैल।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया इसके साथ ही उत्तराखंड के लिए रोजगार और पर्यटन का ग्रीन कॉरिडोर शुरू हो गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने …
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून-दिल्ली ग्रीन कारिडोर का लोकार्पण किया
रोजगार और पर्यटन का पर्याय बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। यह ग्रीन कारिडोर उत्तराखंड के लिए रोजगार और पर्यटन के नए अवसरों का माध्यम बनेगा।
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अनुपम दृश्य के बीच दिल्ली-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन कर दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अब दिल्ली से देहरादून का सफ़र मात्र ढाई घंटे में पूरा होगा। इससे चारधाम यात्रा, कॉर्बेट तथा राजाजी नेशनल पार्क, मसूरी, टिहरी और अन्य प्रमुख पर्यटक स्थलों पर आने वाले सैलानियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई है।
अर्थव्यवस्था में नया मोड़
यह कॉरिडोर केवल एक यातायात परियोजना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रीन कॉरिडोर साबित होने जा रहा है। Modish कहा कि इस परियोजना से पहाड़ और मैदान के बीच की दूरी खत्म होगी, जिससे किसानों और उद्यमियों को विशेष लाभ होगा। यह उन्हें सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि ग्रीन कॉरिडोर से पर्वतीय क्षेत्रों के प्रसिद्ध उत्पाद जैसे की हर्षिल के सेब, जोशीमठ और चकराता की राजमा, पुरोला के लाल चावल, और रुद्रप्रयाग के बुरांश का जूस बड़े शहरों में तेज़ी से और कम लागत पर पहुंच सकेंगे। इससे न केवल लॉजिस्टिक लागत में कटौती होगी, बल्कि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य भी मिलेगा। यह उन्हें आर्थिक स्थिरता प्रदान करेगा।
रोजगार की नई राहें
जैसे-जैसे इस परियोजना का विकास होगा, राज्य में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और एग्री-लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इस कॉरिडोर के माध्यम से परिवहन क्षेत्र और छोटे, मध्यम उद्योगों को गति मिलेगी, जिससे पलायन की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
पर्यटन में नई ऊर्जा
इसके अतिरिक्त, इस कॉरिडोर का पर्यटन क्षेत्र पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण देश-विदेश के पर्यटक उत्तराखंड के दूरस्थ और प्राकृतिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और हस्तशिल्प को नई ऊर्जा मिलेगी।
इस तरह, दिल्ली-देहरादून ग्रीन कॉरिडोर न केवल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण लिंक बनेगा, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगा। यह परियोजना उत्तराखंड के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में इसकी सफलता से स्थानीय निवासियों को व्यापक लाभ होगा।
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— टीम इंडिया टुडे, सुमन सिंह
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