दिल को झकझोर देने वाली घटना: मां ने अपनी बेटी का सौदा किया, फिर झूठा अपहरण का मामला दर्ज कराया
रैबार डेस्क: राजधानी देहरादून से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। आर्थिक... The post कलयुगी मां ने डेढ़ लाख में किया अपनी ही बेटी का सौदा, पूरे पैसे नहीं मिले तो अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज कराया appeared first on Uttarakhand Raibar.
दिल को झकझोर देने वाली घटना: मां ने अपनी बेटी का सौदा किया, फिर झूठा अपहरण का मामला दर्ज कराया
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कम शब्दों में कहें तो, एक कलयुगी मां ने आर्थिक तंगी के चलते अपनी ही 15 वर्षीय बेटी का सौदा कर दिया। जब उसे सौदे की पूरी रकम नहीं मिली, तो उसने एक झूठा अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। यह मामला देहरादून से सामने आया है, और पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, अपराध के पीछे के मानव तस्करी नेटवर्क की जांच भी जारी है।
राजधानी देहरादून से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला यह मामला हाल ही में सामने आया है। आर्थिक संकट में फंसी एक मां, जिसका नाम नीलम देवी है, ने अपनी ही 15 वर्षीय बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया। जब उसे पूरा पैसा नहीं मिला, तो उसने अपनी बेटी के अपहरण की एक झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश
जून के पहले सप्ताह में, नीलम देवी ने पुलिस थाने में अपने बेटी के अपहरण की शिकायत की। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पीड़िता की लोकेशन मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में ढूंढ निकाली।
पुलिस ने गोपनीय तरीके से कार्यवाही करते हुए मुजफ्फरनगर से मनीष और लवी कुमार नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी गिरफ्तारी के बाद नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया।
सौदे की सच्चाई का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। नीलम देवी की मुलाकात देहरादून के एक समारोह में पिंकी मलिक से हुई थी। आर्थिक तंगी का हल निकालने के लिए नीलम ने अपनी बेटी को डेढ़ लाख रुपये में बेचने का सौदा किया। लेकिन सौदा पूरा नहीं हुआ, क्योंकि उसे केवल 80 हजार रुपये मिले थे।
जब पैसे की कमी हुई, तो नीलम ने सोच-समझकर यह साजिश रची कि जैसे ही वह अपनी बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराएगी, वह दबाव डालकर बाकी के पैसे वसूल कर सकेगी।
मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का संदेह
पुलिस ने चार आरोपियों मनीष, लवी कुमार, पिंकी मलिक और नीलम देवी को विभिन्न स्थानों पर गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है, और उम्मीद है कि इससे शामिल अन्य लोगों की पहचान आगे आएगी। ये सभी आरोपी अब विभिन्न धाराओं में सजा के लिए कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 64, 3(5), 65(1), 87, 143 और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 5(L)/6, 16/17 की बढ़ोतरी की है।
मानव तस्करी के इस मामले ने समाज को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे मामलों में न केवल पीड़ित लड़कियों का भविष्य संकट में पड़ता है, बल्कि यह सामाजिक ताने-बाने को भी ध्वस्त करता है। हमें अपने परिवारों और समाज में ऐसे लोगों की पहचान करने की आवश्यकता है, जो आर्थिक दबाव में आकर ऐसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देने के लिए मजबूर होते हैं।
इस प्रकार की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता और शिक्षा भी आवश्यक है। परिवारों को अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहना चाहिए।
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लेख: टीम इंडिया ट्वोडे द्वारा, सुमन कुमारी
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