दिवाली पर ज्योलिंगकांग पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल द्विवेदी, सैनिकों का किया मनोबल बढ़ाना
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज राज्य के सीमांत जिले के ज्योलिंगकांग पहुंचे। जहां उन्होंने सेना के जवानों का हौसला बढ़ाते हुए दीपावली की शुभकामनाएं दीं। दिवाली पर ज्योलिंगकांग पहुंचे सेना प्रमुख दिवाली के त्यौहार पर आज सेना चीन सीमा के पास ज्योलीकांग पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में तैनाती के बीच दीपावली पर्व […] The post दिवाली पर ज्योलिंगकांग पहुंचे सेना प्रमुख, जवानों का बढ़ाया हौंसला first appeared on Vision 2020 News.
दिवाली पर ज्योलिंगकांग पहुंचे थल सेनाध्यक्ष, सैनिकों का बढ़ाया हौंसला
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कम शब्दों में कहें तो थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने हालिया दौरे में ज्योलिंगकांग पहुंचकर जवानों के साहस को और बढ़ावा दिया।>
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज उत्तराखंड के सीमांत जिले ज्योलिंगकांग पहुंचे। यहां उन्होंने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके मनोबल को बढ़ाने की कोशिश की। जनरल द्विवेदी ने बताया कि सीमा क्षेत्रों में तैनात सैनिक इस त्यौहार के दौरान अपने परिवारों से दूर होते हैं, जिससे उनके मन में निराशा हो सकती है। ऐसे में वह उनके साथ इस पर्व को मनाने के लिए यहां आए हैं।
दिवाली का विशेष महत्व
दिवाली केवल एक धमाल और रोशनी का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह एक नई आशा और नए संकल्पों का भी प्रतीक है। इस दिन, थल सेनाध्यक्ष ने जवानों से बातचीत करते हुए कहा कि वे हमेशा उनकी कठिनाइयों को समझते हैं और उनके समर्पण की सराहना करते हैं। सैनिकों के लिए यह समय अपने घर-परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभाने का होता है, और उनके साहस को पहचानने का अवसर है।
जवानों کے ساتھ खुलकर संवाद
जनरल द्विवेदी ने जवानों के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आ रही परेशानियों, सुरक्षा चिंताओं और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातचीत से वे सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को समझ सकते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढने में मदद कर सकते हैं।
ओम पर्वत क्षेत्र का संभावित दौरा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जनरल द्विवेदी अगले चरण में ओम पर्वत क्षेत्र का दौरा भी कर सकते हैं। यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इससे पहले, उन्होंने पिथौरागढ़ में भी सैन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों के साथ मुलाकात की थी, जिससे उनकी समस्याओं और सुझावों को सीधे सुना जा सके।
जवान जिन्हें आमतौर पर अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है, उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को देखकर विशेष उत्साह का अनुभव होता है। जनरल द्विवेदी का यह दौरा उन्हें हिम्मत देता है और उम्मीद की किरण बना रहता है।
इस अवसर पर, उन्होंने जवानों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा का भी अनुसरण किया, जिसमें मिठाइयों का आदान-प्रदान और उपहार देना शामिल था। यह भावनात्मक जुड़ाव सैनिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दिवाली जैसे पर्व पर सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और उनके साथ खड़े होना, हमें यह याद दिलाता है कि जब वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे होते हैं, तब हम उन्हें ना केवल अपनी यादों में रखते हैं, बल्कि ऐसे खास अवसरों पर उनके साथ जुड़कर उनकी तात्कालिक समस्याओं पर भी ध्यान देते हैं।
इस त्योहार के अवसर पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह दौरा सभी जवानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा। ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है, विशेषकर जब हमारी सेनाएं सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
हमेशा की तरह, सैनिकों की सुरक्षा और भलाई सर्वोपरि है, और ऐसे अवसरों पर उनके मनोबल को ऊंचा उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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सादर, टीम इंडिया टुडे - स्नेहा शर्मा
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