दूरदर्शन एंकर अशोक श्रीवास्तव की विवादास्पद टिप्पणी, राहुल गांधी पर उगला जहर
नई दिल्ली: सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन के एक डिबेट कार्यक्रम में एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। क्या है मामला? डीडी न्यूज के शो ‘टो द …
दूरदर्शन एंकर अशोक श्रीवास्तव की विवादास्पद टिप्पणी, राहुल गांधी पर उगला जहर
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, डीडी न्यूज के एंकर अशोक श्रीवास्तव ने राहुल गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिसके कारण राजनीतिक और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।
क्या है मामला?
नई दिल्ली: सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन के डिबेट शो ‘टो द पॉइंट’ में एंकर अशोक श्रीवास्तव ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर विवादित टिपण्णी करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी “विनायक दामोदर सावरकर के जूते की नोंक के बराबर भी नहीं है।” इस टिप्पणी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा, राजनीतिक विश्लेषक सैय्यद जव्वाद, युवा चेतना के रोहित सिंह और समाजवादी पार्टी के अशोक यादव भी शामिल थे। जैसे ही यह बयान शो में दिया गया, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
कांग्रेस और युवा संगठनों का विरोध
इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि "करदाताओं के पैसों से चलने वाले सरकारी चैनल पर नेता प्रतिपक्ष के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है।" युवा कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले में संबंधित एंकर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और इसे पत्रकारिता की मर्यादा के खिलाफ बताया।
सोशल मीडिया पर भी नाराजगी
यह विवाद सोशल मीडिया पर भी गहराता जा रहा है। कई यूजर्स ने अशोक श्रीवास्तव की टिप्पणी की आलोचना करते हुए सार्वजनिक प्रसारक की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा मानते हुए इसे विभिन्न दृष्टिकोणों से देखने की मांग कर रहे हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल, इस मामले में दूरदर्शन या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, नाराजगी और राजनीतिक दबाव के बीच कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूरदर्शन इस मामले पर कोई कदम उठाता है या नहीं।
इस पूरे मामले ने न केवल राजनीति में चर्चा को बढ़ावा दिया है बल्कि इसे मीडिया की जिम्मेदारी और निष्पक्षता को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया है। क्या यह केवल एक बयान है या फिर मीडिया की विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवाल? इसके बारे में अधिक जानने के लिए हमारे पोर्टल पर विजिट करें: India Twoday.
सादर, टीम इंडिया टुडे - प्रिया शर्मा
What's Your Reaction?