देहरादून में गिरफ्तार हुआ फर्जी IPS, पूर्व मुख्य सचिव का पुत्र оказался ठग

देहरादून :  राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को केंद्र सरकार और भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से कथित ठगी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी के बेटे यशवर्धन के रूप में हुई है। […] The post देहरादून से पकड़ा गया फर्जी IPS, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव का है बेटा first appeared on Vision 2020 News.

Jul 17, 2026 - 00:27
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देहरादून में गिरफ्तार हुआ फर्जी IPS, पूर्व मुख्य सचिव का पुत्र оказался ठग
देहरादून :  राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को केंद्र सरक

देहरादून में गिरफ्तार हुआ फर्जी IPS, पूर्व मुख्य सचिव का पुत्र оказался ठग

देहरादून : राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को केंद्र सरकार और भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों के साथ ठगी कर रहा था। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी के बेटे, यशवर्धन के रूप में हुई है। यह मामला राजधानी में कानून और व्यवस्था को चुनौती देने वाले महत्वपूर्ण मामलों में से एक बन गया है।

फर्जी IPS के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सेना के उच्च पदों पर अपनी पहुंच का दावा किया। इसी भरोसे में वह युवती से 4.5 लाख रुपये ले चुका था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने रुपये लेने के बाद भी लगातार उससे और पैसे मांगने की कोशिश की। शिकायत मिलने के बाद देहरादून पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित रूप से जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूर्व मुख्य सचिव का बेटा, लेकिन अपराधी बना

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी अपने प्रभावी सरकारी अधिकारी होने का दिखावा कर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहा था। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने इसी तरीके से और भी लोगों को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल, आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। यदि जांच में अन्य पीड़ितों या मामलों की जानकारी सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धोखाधड़ी का व्यापक मामला

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके पिता एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उसकी बचपन से ही अधिकारी बनने की ख्वाहिश थी। छोटेपन से अपने पिता के साथ रहने के दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाले विशेष अधिकारों और सुविधाओं को देखा था। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में कई साल बिता देने के बाद भी जब वह असफल रहा, तो उसने खुद को एक फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी शुरू कर दी।

वह नौकरी दिलवाने या टेंडर व अन्य काम जल्दी करवाने के नाम पर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये ठग रहा था। उसकी बात करने का तरीका, यूपीएससी के अधिकारी की तरह का व्यवहार, और फर्जी आई कार्ड के सहारे वह आसानी से लोगों को बेवकूफ बना रहा था। यह गंभीर बात है कि उसने लंबे समय से कई लोगों के साथ ठगी की है।

इस प्रकरण ने सभी के लिए एक सबक दिया है कि फर्जी अधिकारियों से सतर्क रहना कितना आवश्यक है। वास्तविकता में, जिन लोगों पर भरोसा किया जाता है, वे असल में धोखाधड़ी कर सकते हैं। हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी प्रकार का लेन-देन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

कम शब्दों में कहें तो, ये मामला यह दर्शाता है कि समाज में इस प्रकार के फर्जी व्यक्तियों का क्या खतरा हो सकता है। अगर आपको और अधिक अपडेट चाहिए तो यहां क्लिक करें.

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सादर, राधिका शर्मा
टीम इंडिया टुडेज

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