नर्सिंग सेवा संघ की 690 पदों की भर्ती को लेकर भारी विरोध, विज्ञापन रद्द करने की मांग

रैबार डेस्क:  नर्सिंग सेवा संघ उत्तराखंड ने स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारियों की सीधी भर्ती... The post नर्सिंग अधिकारियों के 690 पदों पर सीधी भर्ती के विरोध में नर्सिंग सेवा संघ, विज्ञापन निरस्त करने की मांग appeared first on Uttarakhand Raibar.

Nov 23, 2025 - 09:27
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नर्सिंग सेवा संघ की 690 पदों की भर्ती को लेकर भारी विरोध, विज्ञापन रद्द करने की मांग
रैबार डेस्क:  नर्सिंग सेवा संघ उत्तराखंड ने स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारियों की सीधी भर्त

नर्सिंग सेवा संघ की 690 पदों की भर्ती को लेकर भारी विरोध, विज्ञापन रद्द करने की मांग

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कम शब्दों में कहें तो, नर्सिंग सेवा संघ उत्तराखंड ने स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारियों के 690 पदों की भर्ती प्रक्रिया का vehement विरोध किया है और विज्ञापन को तत्काल रद्द किए जाने की मांग की है। संघ ने कहा है कि लिखित परीक्षा के बजाय उन्हें वर्षवार नियुक्ति की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

गौरतलब है कि चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से 17 नवंबर को नर्सिंग अधिकारियों के 587 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, वहीं अगले दिन, 18 नवंबर को बैकलॉग से 103 पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। इन सभी पदों के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में शामिल होना आवश्यक है।

पिछली भर्ती में हुई समस्याएँ

नर्सिंग सेवा संघ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में पिछली सीधी भर्ती 2020 में आयोजित की गई थी, जिसका पूरा होने में पांच साल से ज्यादा का समय लग गया। इसके अलावा, इस भर्ती प्रक्रिया में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को भी चयनित किया गया है, जिससे राज्य के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। कई योग्य उम्मीदवार, जिन्हें प्रारंभिक भर्ती प्रक्रिया में स्थान नहीं मिला, अब ओवर-एज हो चुके हैं।

संघ की मांगें

संघ ने दो मुख्य मांगें रखी हैं। पहला, 690 पदों के लिए जो भर्ती विज्ञापन जारी किया गया है उसे तुरंत रद्द किया जाए। दूसरा, इन पदों पर वर्षवार नियुक्ति दी जाए। इसके अतिरिक्त, संघ का यह भी कहना है कि नए पदों का सृजन करते हुए कम से कम 1500 पदों के लिए वर्षवार नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाए। ताकि अधिकतम योग्य अभ्यर्थियों को फ़ायदा मिल सके। संघ ने यह भी मांग की है कि वर्षवार नियुक्तियों के लिए आयु सीमा में दो वर्ष की छूट दी जानी चाहिए, जिससे ओवर-एज हो रहे उम्मीदवार भी आवेदन कर सकें।

निष्कर्ष

नर्सिंग सेवा संघ का यह आंदोलन केवल उम्मीदवारों के हक में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में स्थानीय युवाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने का भी एक माध्यम है। संघ की मांगें सिर्फ इस भर्ती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य में भी बेहतर भर्ती प्रक्रियाओं की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

इस विषय पर और अधिक जानकारी के लिए, कृपया India Twoday पर जाएं।

हमें आशा है कि शासन-प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और नर्सिंग क्षेत्र में आवश्यक बदलाव करेगा।

आपका, टीम इंडिया टुडे

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