बीकेटीसी ने शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने की पहल की: हेमंत द्विवेदी की जानकारी
बीकेटीसी द्वारा शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जा रहा: हेमंत द्विवेदी अभी तक साढ़े दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शनों का पुण्य अर्जित किया देहरादून: श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बीकेटीसी द्वारा शीतकालीन तीर्थयात्रा को प्रोत्साहित किया गया है, अभी […] The post बीकेटीसी द्वारा शीतकालीन यात्रा को किया जा रहा प्रोत्साहित : हेमंत द्विवेदी first appeared on Vision 2020 News.
बीकेटीसी ने शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने की पहल की
कम शब्दों में कहें तो, बीकेटीसी द्वारा शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जा रहा है और अब तक साढ़े दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा स्थलों का दर्शन किया है।
देहरादून: श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जानकारी दी कि बीकेटीसी शीतकालीन तीर्थयात्रा को प्रोत्साहित करने में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 10632 श्रद्धालुओं ने श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शन किए हैं। आगे भी इस संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, ज्योर्तिमठ और उखीमठ में स्थानीय लोगों, संस्थाओं और विद्यालयों के सहयोग से जन जागरण रैलियों का आयोजन किया जा रहा है।
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बदरीनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थल श्री योगबदरी पांडुकेश्वर में कपाट बंद होने के बाद 321 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि श्री नृसिंह बदरी पांडुकेश्वर में 2582 तीर्थयात्रियों ने दर्शन का लाभ उठाया। वहीं, भगवान केदारनाथ और द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 7729 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। यह क्रम अभी भी जारी है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के पालन में उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन और तीर्थाटन को सुनियोजিত रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके विचार से सरकार और मंदिर समिति के संयुक्त प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद योग बदरी पांडुकेश्वर, श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ और केदारनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में नियमित पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ रहा है। श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को प्रबल कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से भी परिचित हो रहे हैं।
हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के लक्ष्य पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य चारधाम यात्रा को वर्ष भर सक्रिय रखना है। इसका लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना भी है। शीतकालीन यात्रा से होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार और होम-स्टे जैसी गतिविधियां भी मजबूती प्राप्त कर रही हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दे रही है। पूजा-अर्चना, दर्शन व्यवस्था, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे शीतकालीन यात्रा के दौरान अधिक से अधिक संख्या में पूजा स्थलों पर पहुंचकर दर्शन का पुण्य अर्जित करें।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - दीप्ति शर्मा
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