महिलाओं के संघर्ष का गाथा: ‘बंडखोर’ 24 सितंबर को रिलीज
मुंबई। महिलाओं के संघर्ष, आत्मसम्मान और अपने अस्तित्व के लिए आवाज उठाने की कहानी कहने वाली निर्देशक महेश मांजरेकर की फिल्म ‘बंडखोर’ 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का ट्रेलर हाल ही में मुंबई में आयोजित एक समारोह में लॉन्च किया गया। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर …
महिलाओं के संघर्ष का गाथा: ‘बंडखोर’ 24 सितंबर को रिलीज
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, निर्देशक महेश मांजरेकर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बंडखोर’ 24 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। यह फिल्म महिलाओं के संघर्ष, आत्म-सम्मान और अपने अस्तित्व के लिए आवाज उठाने की प्रेरक कहानी पेश करती है।
मुंबई में हाल ही में आयोजित एक भव्य समारोह में इस फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया, जिसमें महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर जैसी हस्तियां शामिल हुईं। इस कार्यक्रम ने फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है, साथ ही इस अवसर पर कुछ साहसी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया है।
‘बंडखोर’ की कहानी
फिल्म ‘बंडखोर’ छह विभिन्न महिलाओं की जिंदगी और उनके व्यक्तिगत संघर्षों की कहानी को उजागर करती है। इसमें छाया कदम, प्रियदर्शनी इंदलकर, मृणाल कुलकर्णी, पूजा कातुर्डे, तितिक्षा तावड़े और नित्यश्री ज्ञानलक्ष्मी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी। ट्रेलर में हमें इन महिला पात्रों की भिन्न-भिन्न जिंदगी और उनके सामने आने वाली चुनौतियों की झलक दिखाई देती है।
यह कहानी उन महिलाओं की यात्रा को दर्शाती है, जो पारिवारिक, सामाजिक और व्यक्तिगत दबावों की वजह से अपनी जिंदगी के अहम निर्णय लेने के लिए मजबूर होती हैं। एक निश्चित मोड़ पर, ये महिलाएं तय करती हैं कि वे अपने लिए खड़ी होंगी और अपने जीवन का मार्ग स्वयं तय करेंगी। यही उनका ‘बंडखोर’ बनने का वक्त है।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का जज़्बा
निर्देशक महेश मांजरेकर ने बताया कि ‘बंडखोर’ शब्द का प्रायः नकारात्मक अर्थ लगाया जाता है, लेकिन वे इसे एक मजबूत महिला के रूप में परिभाषित करते हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है। उनके अनुसार, यह फिल्म उनकी बेटी से प्रेरित विचार पर आधारित है। मांजरेकर ने कहा कि उनकी मां, पत्नी और बेटियों का उनके जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, और फिल्म उनके द्वारा देखे गए संघर्षों का एक समर्पण है।
विशेष अतिथियों की सराहना
सुनेत्रा पवार का अनमोल योगदान
ट्रेलर लॉन्च के दौरान, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने फिल्म की सराहना की और कहा कि यह फिल्म समाज की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले को बंडखोर महिला के रूप में मान्यता दी, जिनकी शिक्षाप्रद भूमिका ने महिलाओं के लिए नई राहें खोली।
सुनील गावस्कर का भावुक क्षण
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने ट्रेलर देखने के बाद फिल्म के प्रति अपनी उर्जा व्यक्त की। उन्होंने अपनी मां को याद किया, जो उनकी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण ‘बंडखोर’ महिला रहीं। गावस्कर ने बताया कि इस दौरान उनकी मां ने उन्हें प्रोत्साहित किया और क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने के लिए तैयार किया।
फिल्म की रिलीज की तारीख
इस फिल्म का निर्माण संजय शेटये ने किया है और इसे विनसन ग्राफिक प्रोडक्शन के बैनर तले प्रस्तुत किया गया है। इस फिल्म के संवाद सिद्धार्थ साळवी और इरावती कर्णिक ने लिखे हैं। ‘बंडखोर’ की कहानी छह महिलाओं के अद्वितीय संघर्षों और उनके जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों को दर्शाती है, और यह फिल्म 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म से जुड़ी अधिक जानकारी और दैनिक अपडेट के लिए, कृपया India Twoday पर जाएं।
सादर, टीम इंडिया टुडे, निया शर्मा
What's Your Reaction?