ज्योलिकोट पेयजल संकट: 6 कर्मचारी निलंबित, मुख्य अभियंता की कोर्ट में पेशी

नैनीताल :   नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और उसके आसपास के गांवों गांजा, वीरभट्टी, छीणा, बेलुवाखान और सरियाताल में दूषित पेयजल के कारण फैली जल जनित बीमारियों के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। नैनीताल जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), उत्तराखंड जल संस्थान के महाप्रबन्धक और उत्तराखंड पेयजल निगम (कुमाऊं मंडल) के मुख्य अभियंता आज […] The post ज्योलिकोट में लापरवाही पर 6 कर्मचारी निलंबित, उत्तराखंड पेयजल निगम के मुख्य अभियंता कोर्ट में हुए पेश first appeared on Vision 2020 News.

Sep 23, 2026 - 00:27
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ज्योलिकोट पेयजल संकट: 6 कर्मचारी निलंबित, मुख्य अभियंता की कोर्ट में पेशी
नैनीताल :   नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और उसके आसपास के गांवों गांजा, वीरभट्टी, छीणा, बेलुवाखान और स

ज्योलिकोट पेयजल संकट: 6 कर्मचारी निलंबित, मुख्य अभियंता की कोर्ट में पेशी

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों जैसे गांजा, वीरभट्टी, छीणा, बेलुवाखान और सरियाताल में दूषित पेयजल के कारण फैलने वाली जल जनित बीमारियों के मामले में आज उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के समक्ष नैनीताल के जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), उत्तराखंड जल संस्थान के महाप्रबंधक और उत्तराखंड पेयजल निगम (कुमाऊं मंडल) के मुख्य अभियंता व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।

लापरवाही के आरोप में 6 अधिकारियों का निलंबन

इस सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने कोर्ट में यह जानकारी दी कि पेयजल व्यवस्था में बरती गई लापरवाही के कारण, जल स्रोतों की संधारण में कमी तथा पानी की गुणवत्ता की जांच में लापरवाही के मामलों में उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें जल संस्थान के प्रमुख अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता रविंद्र शामिल हैं।

स्वास्थ्य संकट पर न्यायालय की चिंता

इसके साथ ही, पेयजल निगम के प्रभारी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा को भी पेयजल व्यवस्था से संबंधित लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। पिछले तीन महीनों से इस क्षेत्र में डायरिया और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई ग्रामीण अस्पताल में भर्ती हुए हैं। बेलुवाखान निवासी अधिवक्ता रवि बिष्ट की जनहित याचिका में अधूरी स्वास्थ्य सेवाओं और अधिकारियों की निष्क्रियता के मुद्दे को उठाया गया था।

प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा का प्रयास

याचिका में मांग की गई थी कि प्रभावित लोगों को नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए और उन्हें स्वच्छ पेयजल की सुविधा प्रदान की जाए। इस परिस्थिति में प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की आवश्यकता थी, ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और जलापूर्ति सुनिश्चित किया जा सके। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों के ऊपर उचित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

कम शब्दों में कहें तो, ज्योलीकोट में घटित पेयजल संकट के चलते 6 कर्मचारियों का निलंबन और मुख्य अभियंता की कोर्ट में पेशी ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। इस निर्णय से स्थानीय जनता में न्याय की उम्मीद जगी है।

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— टीम इंडिया ट्वोडे, साक्षी शर्मा

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