मानसून से पहले प्रशासन ने लिया सख्त अलर्ट, प्रमुख सचिव ने की आपदा प्रबंधन की समीक्षा
देहरादून : प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी, देहरादून डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में मानसून पूर्व तैयारियों एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के नेतृत्व में संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा मानसून तैयारी के दृष्टिगत जनपद में संचालित विभिन्न कार्यों, […] The post मानसून से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, प्रमुख सचिव ने की आपदा तैयारियों और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा first appeared on Vision 2020 News.
मानसून से पहले प्रशासन ने लिया सख्त अलर्ट, प्रमुख सचिव ने की आपदा प्रबंधन की समीक्षा
देहरादून: प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी, देहरादून डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आज जिला कार्यालय सभागार में मानसून पूर्व तैयारियों और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक का आयोजन किया। यह बैठक जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में हुई, जिसमें जातीय विभागों के अधिकारियों ने जनपद में मानसून तैयारी के दृष्टिगत विभिन्न कार्यों और संवेदनशील स्थलों पर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष की आपदाओं और जलभराव के अनुभवों के मद्देनजर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करना था।
महत्वपूर्ण योजनाएँ और प्रगति
बैठक के दौरान सौंग नदी परियोजना, नंदा की चौकी क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा कार्यों, नदी सफाई कार्यों और अन्य बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने खनन गतिविधियों के साथ-साथ 39 डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती योजना की समीक्षा भी की, ताकि जलभराव की समस्याओं से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।
सुरक्षा के लिए लंबी अवधि की योजना
समीक्षा में यह निर्देश दिया गया कि वर्ष 2022 में जलभराव और जनहानि से प्रभावित स्थलों का पुनः आकलन किया जाए, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। आईएसबीटी क्षेत्र में जलनिकासी संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए विभिन्न विभागों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। इसके अतिरिक्त जनपद के 12 प्रमुख नालों की सफाई और सुधार कार्यों को शीघ्रता से आरंभ करने के निर्देश दिए गए।
विषम परिस्थितियों पर टेक्नोलॉजिकल विश्लेषण
बैठक में अल्प अवधि में होने वाली अत्यधिक वर्षा (शॉर्ट ड्यूरेशन हाई इंटेंसिटी रेनफॉल) वाले क्षेत्रों का डेटा संग्रह और विश्लेषण करने पर जोर दिया गया। यह पहल संभावित जलभराव स्थलों की पहचान में मदद करेगी। आठ संवेदनशील नदी और नाला क्षेत्रों में चल रहे शमन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
भूस्खलन और आपदा प्रबंधन
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए विशेष ध्यान देने के लिए 12 लैंडस्लाइड जोन एवं क्रॉनिक स्लिप जोन की पहचान की गई है। किमाड़ी सहित जोखिम में रहे क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान विकसित करने के उद्देश्य से दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, क्लाउड बर्स्ट की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
आपदा के तहत विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा
बैठक में आपदा संभावित विद्यालयों की स्थिति का भी आकलन किया गया। अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की पहचान करने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरत अनुसार अस्थायी एवं स्थायी समाधान विकसित करने की बात भी की गई। इसके अलावा, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं और सहायता को पहले से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कम शब्दों में कहें तो, मानसून से पहले प्रशासन इस बार काफी संवेदनशील होकर काम कर रहा है, जिससे संभावित आपदाओं का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.
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समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख सचिव के दिशा-निर्देशों से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन इस बार मानसून की चुनौतियों का सामना करने के लिए गंभीरता के साथ व्यावस्थित उपाय कर रहा है।
सादर, Team India Twoday - अदिति शर्मा
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