मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेजर जनरल (रिटायर) भुवन चंद्र खण्डूड़ी को श्रद्धांजलि दी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी […]

Jun 2, 2026 - 00:27
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेजर जनरल (रिटायर) भुवन चंद्र खण्डूड़ी को श्रद्धांजलि दी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेजर जनरल (रिटायर) भुवन चंद्र खण्डूड़ी को श्रद्धांजलि दी

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मेजर जनरल (रिटायर) भुवन चंद्र खण्डूड़ी को श्रद्धांजलि दी।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

खण्डूड़ी जी का व्यक्तित्व और योगदान

इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे एक अनुशासित सैनिक, दूरदर्शी प्रशासक, और आदर्श जनप्रतिनिधि थे। उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित रहा। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, सादगी, और राष्ट्र सेवा के प्रतीक थे।"

सैन्य जीवन और युद्ध में साहस

मुख्यमंत्री ने खण्डूड़ी जी के सैन्य जीवन का स्मरण करते हुए कहा, "उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अद्वितीय साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उनकी सेवाएं सैन्य इंजीनियरिंग में भी महत्वपूर्ण थीं, जिसने सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में सहायता की। इसके लिए उन्हें 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' से भी सम्मानित किया गया।"

राजनीतिक जीवन और राज्य आंदोलन

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद, खण्डूड़ी जी ने जनसेवा का संकल्प जारी रखा। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने के बाद, उन्होंने स्वतंत्र उत्तराखंड राज्य की मांग को सशक्त रूप से उठाया। उनके विचारों और प्रतिबद्धता ने राज्य आंदोलन में नई ऊर्जा भरी।

युवाओं के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा, "खण्डूड़ी जी का जीवन दर्शन आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैंने स्वयं को भाग्यशाली समझा है कि मुझे उनकी सलाह و मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।"

सरकारी योजनाओं में योगदान

केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खण्डूड़ी जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में उनके योगदान को कभी भूला नहीं जा सकता।

सार्वजनिक जीवन में सिद्धांतों की दृढ़ता

खण्डूड़ी ने उच्च पदों पर रहते हुए भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा आम जन की आवाज को प्राथमिकता दी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहे। उनकी कार्यशैली ने उन्हें एक आदर्श प्रवर्तक बना दिया।

खण्डूड़ी जी का निधन: एक अपूरणीय क्षति

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खण्डूड़ी जी का निधन उत्तराखंड और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके विचार और आदर्श सदैव हमारे बीच रहेंगे। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से खण्डूड़ी जी के आदर्शों को अपनाने और उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के विकास की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।

श्रद्धांजलि सभा में शामिल गणमान्य लोग

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष रितु खण्डूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, स्वामी रामदेव, विभिन्न साधु संत, और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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सार्वजनिक जीवन की प्रेरणाओं और अद्वितीय संतुलन बिठाते हुए, खण्डूड़ी जी का योगदान सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेगा।

टीम इंडिया टुडे (स्वाति शर्मा)

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