मुख्य सचिव का 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा - योजनाओं की प्रगति और जनकल्याण

देहरादून। मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति के साथ उनके धरातल पर असर और आमजन को मिल रहे लाभ का भी आंकलन करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि पिरूल कलेक्षन से लाभार्भियों को अब तक […]

Sep 30, 2026 - 18:27
 66  86285
मुख्य सचिव का 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा - योजनाओं की प्रगति और जनकल्याण
देहरादून। मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति की समीक

मुख्य सचिव का 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा - योजनाओं की प्रगति और जनकल्याण

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की प्रगति का धरातल पर असर और आमजन को मिलने वाले लाभ का आंकलन करें।

मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उनकी इस बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ इसके धरातल पर असर और आम जन को मिल रहे लाभ का भी आंकलन करें।

मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि पिरूल कलेक्शन से लाभार्थियों को अब तक किए गए सभी मॉनेटाइजेशन का पूरा डेटा तैयार किया जाए। इसके अंतर्गत यह देखना आवश्यक है कि कितने लोगों ने इसका लाभ उठाया है और इससे लोगों की आय में कितना इजाफा हुआ है। ऐसा करने से यह स्पष्ट होगा कि किस योजनाओं ने वास्तव में लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है।

योजनाओं की प्रभावशीलता और नियमित निगरानी

मुख्य सचिव ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और उसके सेग्रिगेशन (अलग-अलग करना) व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कचरे के संग्रहण से लेकर उसके पृथक्करण और निस्तारण तक की सभी प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है कि नगरपालिका की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं ठीक से संचालित हो रही हैं।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिलाधिकारियों एवं सचिव पेयजल को एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग करने के लिए एक प्रभावी और केंद्रीयकृत व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि संचालन की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन किया जा सके।

कमर्शियल संस्थानों में मानकों का पालन

मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे बड़े कमर्शियल संस्थानों और ग्रुप हाउसिंग में उनकी अपनी एसटीपी की व्यवस्था को गंभीरता से लागू करें। नियमों का पालन करना अनिवार्य है, और मानकों की नियमित जांच होनी आवश्यक है।

अतिक्रमण हटाने के संबंध में भी, मुख्य सचिव ने कहा कि जिलास्तर पर नियमित निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि अतिक्रमण की पुनरावृत्ति ना हो सके। उन्होंने जनपदों में पार्किंग को विकसित करने के लिए जातियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए, लंबित योजनाओं में तेजी लाने और आ रही बाधाओं का समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया।

समीक्षा की स्थिरता और प्रक्रिया

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 25 पॉइंट कार्यक्रम की नियमित और मासिक समीक्षा सुनिश्चित करें। समीक्षा प्रक्रिया में केवल आंकड़ों की प्रगति पर ध्यान न देकर, परियोजनाओं की जमीनी स्थिति, लाभार्थियों को मिल रहे लाभ और सामने आ रही समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। जिन बिंदुओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, वहां कारणों की पहचान कर उचित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अन्य विभागों के सचिव & अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिक अपडेट के लिए, यहां क्लिक करें.

संदेश : योजनाओं का सही कार्यान्वयन और निगरानी किसी भी राज्य के विकास की कुंजी होती है। हमारी प्रदेश की व्यवस्थाओं को सुधराने और उन्हें जनहित में लाने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।

सादर,

टीम इंडिया टुडे - सुमिता शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow