राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण - डॉ. रावत की पहल से शासन की त्वरित कार्यवाही

राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर शासन ने की त्वरित कार्यवाही विश्वविद्यालय स्तर से संचालित होंगी प्रवेश एवं परीक्षा सहित अन्य गतिविधियां देहरादून: भारत सरकार द्वारा तैयार उच्च शिक्षा के एकीकृत समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को पूर्ण रूप से सौंप दिया […] The post राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण,विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर शासन ने की त्वरित कार्यवाही first appeared on Vision 2020 News.

Dec 19, 2025 - 18:27
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राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण - डॉ. रावत की पहल से शासन की त्वरित कार्यवाही
राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्

राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण

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कम शब्दों में कहें तो: राज्य विश्वविद्यालय अब अपने स्तर पर प्रवेश, परीक्षा व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगे। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने त्वरित कार्यवाही की है।

देहरादून: भारत सरकार द्वारा विकसित उच्च शिक्षा के एकीकृत समर्थ पोर्टल का संचालन अब पूरी तरह से राज्य विश्वविद्यालयों को सौंपी गई है। शासन ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि सभी राज्य विश्वविद्यालय अपने-अपने विवेचनाओं में छात्रों के प्रवेश, परीक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित कर सकेंगे। इस नई प्रक्रिया की जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपति और कुलसचिव को सौंपी गई है।

सामर्थ पोर्टल का संचालन

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशन में, समर्थ पोर्टल का संचालन कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा जैसे राज्य विश्वविद्यालयों को सौंपा गया है। पहले यह पोर्टल शासन स्तर पर संचालित हो रहा था, जिससे छात्रों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

समयबद्ध कार्यवाही की आवश्यकता

शासन के आदेश के अनुसार, सभी राज्य विश्वविद्यालय अब समर्थ पोर्टल के सभी मॉड्यूल की समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। यह निर्णय छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं और उनके शैक्षणिक जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी विश्वविद्यालय इस प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करेंगे और हर महीने अपनी प्रगति की रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेंगे।

पोर्टल संबंधी जानकारी की प्रसार

छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए पोर्टल खोले जाने से पहले विश्वविद्यालय अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी सूचना 7 दिन पूर्व अपलोड करेंगे। इसके साथ ही समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से इस बारे में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों को अपने निर्णयों और छात्र गतिविधियों को बेहतर तरीके से प्रमोट करने में सहायता मिलेगी।

ईआरपी प्रणाली का अद्यतन

राज्यuniversities और महाविद्यालयों में समस्त पूर्व से संचालित ईआरपी/पोर्टल का डेटा 31 मार्च 2026 तक समर्थ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस समयावधि के पश्चात, किसी भी अन्य ईआरपी/पोर्टल का संचालन तब तक निषिद्ध रहेगा जब तक वह समर्थ पोर्टल से न जुड़ा हो।

एकेडमिक कैलेंडर का योजना

आगामी 31 मई 2026 तक सभी राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों को अपना एकेडमिक कैलेंडर तैयार कर अपनी कार्यपरिषद से अनुमोदित कराना होगा। इसके बाद ही परीक्षा, प्रवेश एवं अन्य प्रक्रियाएं संचालित की जाएंगी। इससे उच्च शिक्षा में अधिक शाखीकरण और समयनिष्ठता भी सुनिश्चित होगी।

उपस्थिति और कक्षा संचालन का मानक

प्रत्येक सेमेस्टर में छात्रों की उपस्थिति का सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होगा। छात्रों की कक्षाओं का संचालन 90 दिनों में होना चाहिए और 75% उपस्थिति अनिवार्य है। यदि ये मानक पूरे नहीं होते हैं, तो छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे सभी आदेशों को सुनिश्चित करें और छात्रों के शैक्षणिक जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें।

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टीम इंडिया टुडे:
नैना कुमारी

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