नई दिल्ली में राज्यपाल गुरमीत सिंह का सैनिक अधिवेशन संबोधन: पूर्व सैनिकों का योगदान अपरिहार्य
नई दिल्ली/देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 18वें राष्ट्रीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 18वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह […] The post नई दिल्ली में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सैनिक अधिवेशन को किया संबोधित first appeared on Vision 2020 News.
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया सैनिक अधिवेशन में संबोधन
नई दिल्ली/देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 18वें राष्ट्रीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया और उनकी सेवाओं की सराहना की।
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राष्ट्रीय सैनिक संस्था के आयोजन में राज्यपाल का संबोधन
राज्यपाल ने राष्ट्रीय सैनिक संस्था की भूमिका को सराहते हुए कहा कि यह केवल पूर्व सैनिकों का मंच नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने बताया कि यह संगठन अनुभव और युवा शक्ति को जोड़कर समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा, "सेवानिवृत्त सैनिक, समाज का एक जीवित उदाहरण होते हैं। वर्दी उतारने के बाद भी उनका योगदान समाज में बना रहता है। मैं सभी पूर्व सैनिकों से अनुरोध करता हूँ कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, और युवा मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज की आवश्यकता अनुशासित और सजग नेटवर्क की है, और इसमें राष्ट्रीय सैनिक संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण है।
युवाओं को राष्ट्र रक्षा के लिए प्रेरित किया
राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सेना में बिताया गया समय उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र प्रथम की भावना प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्र की रक्षा को अपने धर्म के रूप में स्वीकारें और समाज में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। राज्यपाल ने यह भी कहा कि हम सबको एक अनुशासित नागरिक की तरह कार्य करना होगा।
वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमांत गांवों का सशक्तिकरण
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'वाइब्रेंट विलेज' योजना की प्रशंसा की, जो सीमांत गांवों के विकास के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा, "यह योजना सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ती है। इन गांवों को 'प्रथम गांव' की संज्ञा दी जा रही है, जो सरकार की सशक्तिकरण की सोच को दर्शाता है।" उन्होंने पूर्व सैनिकों के योगदान को इस योजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि "आज का नया भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है, और हमें कठिनाइयों का सामना करते हुए वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ना है। विकसित भारत के 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हर नागरिक को एक समर्पित सैनिक की तरह कार्य करना होगा।"
कम शब्दों में कहें तो, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सैनिक अधिवेशन में सैनिकों की भूमिका और उनके योगदान को उजागर किया, साथ ही सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी पर जोर दिया।
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सेल्फी: एक प्रेस मीट के बाद
राज्यपाल के इस प्रेरणादायक संबोधन ने निस्संदेह कई पूर्व सैनिकों और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया होगा।
सादर,
टीम इंडिया टुडे (सारिका शर्मा)
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