हल्द्वानी में सड़क हादसे के बाद हंगामे की आहट, लापरवाह अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई

हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित हृदयेश ने तल्ली बमौरी स्थित USDDA कार्यालय के बाहर स्थानीय पार्षदों और नागरिकों के साथ धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पनचक्की चौराहे से मुखानी चौराहे…

Feb 24, 2026 - 09:27
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हल्द्वानी में सड़क हादसे के बाद हंगामे की आहट, लापरवाह अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई
हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित हृदयेश ने तल्ली बमौरी स्थित USDDA कार्यालय के बाहर स्था

हल्द्वानी में सड़क हादसे के बाद हंगामे की आहट, लापरवाह अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई

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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी में हाल ही में हुई एक सड़क दुर्घटना ने स्थानीय निवासियों को उत्तेजित कर दिया है। विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी आवाज उठाते हुए प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।

घटना का विवरण

हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित हृदयेश ने मंगलवार को तल्ली बमौरी स्थित USDDA कार्यालय के बाहर स्थानीय पार्षदों और नागरिकों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पनचक्की चौराहे से मुखानी चौराहे तक जाने वाली सड़क पर हुई हाल की एक दुखद दुर्घटना के कारण था जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति सुरेश पांडेय का असामयिक निधन हो गया। इस घटना ने सिर्फ सुरेश के परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को शोक में डुबो दिया है।

प्रशासनिक लापरवाही का आरोप

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि यह हादसा स्पष्ट रूप से प्रशासनिक लापरवाही और सड़क की खराब स्थिति का परिणाम है। उन्होंने इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लिया है और स्थानीय सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, "अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर से हो सकती हैं। हम सड़क की मरम्मत और उसकी सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग करते हैं।" इस प्रदर्शन में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और पार्षदों ने भी भाग लिया।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों का मानना है कि सड़क की स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई लोगों ने कहा कि सड़क पर गड्ढे और अव्यवस्थित यातायात की स्थितियों ने हादसों को बढ़ावा दिया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हम बार-बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया।" उनकी आवाज़ें अब थमने को तैयार नहीं हैं।

निष्कर्ष

यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सड़क सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह स्थानीय निवासियों की सुरक्षा से भी जुड़ी है। विधायक सुमित हृदयेश और नागरिकों का यह धरना एक महत्वपूर्ण कदम है जो दर्शाता है कि जब स्थानीय समुदाय एकजुट होगा, तो प्रशासन को उनकी आवाज सुननी पड़ेगी।हमें चाहिए कि हम प्रशासन पर दबाव डालें ताकि सड़क की स्थिति सुधारी जाए और भविष्य में किसी भी घटना की रोकथाम की जा सके।

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सादर, टीम इंडिया टुडे - प्रिया शर्मा

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