रामनगर महाविद्यालय में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर धूमधाम से मनाया गया स्मरण दिवस

Corbetthalchalरामनगर-वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर रामनगर महाविद्यालय में स्मरण दिवस मनाया गया। कमान अधिकारी 79 यूके बटालियन एनसीसी नैनीताल के आदेशानुसार पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की एनसीसी…

Nov 8, 2025 - 00:27
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रामनगर महाविद्यालय में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर धूमधाम से मनाया गया स्मरण दिवस
Corbetthalchalरामनगर-वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर रामनगर महाविद्यालय में स्मरण दिवस मनाया गया। कम

रामनगर महाविद्यालय में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर धूमधाम से मनाया गया स्मरण दिवस

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कम शब्दों में कहें तो, रामनगर महाविद्यालय ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष के अवसर को भव्य समारोह में मनाया।

रामनगर, उत्तराखंड: वन्दे मातरम्, जो हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रतीक है, के 150 वर्ष पूर्ण होने पर रामनगर महाविद्यालय में स्मरण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर का महत्व न केवल सांस्कृतिक बल्कि ऐतिहासिक भी है। इस समारोह का आयोजन 79 यूके बटालियन एनसीसी नैनीताल के आदेशानुसार पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की एनसीसी सब यूनिट द्वारा किया गया।

समारोह की शुरुआत

समारोह की शुरुआत प्राचार्य प्रो. एम.सी. पाण्डे द्वारा ध्वजारोहण करके की गई। उन्होंने कहा, "वन्दे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारे देश के प्रति हमारी भावनाओं का भी प्रतीक है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए।"

सांस्कृतिक कार्यक्रम

ध्वजारोहण के बाद, छात्रों ने राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत का सामूहिक गायन किया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जो भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। छात्रों ने नृत्य, नाटक और संगीत प्रस्तुत किए, जिससे माहौल उत्साह से भरा हुआ था।

एनसीसी का योगदान

79 यूके बटालियन एनसीसी नैनीताल के आदेशानुसार, इस समारोह को आयोजित करने में सभी विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनसीसी के कमान अधिकारी ने कहा, "हमारे युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।"

महत्वपूर्णता

इस अवसर पर, वक्ताओं ने वन्दे मातरम् के महत्व के बारे में चर्चा की और इसे आज भी प्रेरणा के रूप में लिया। विशेष रूप से, यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में देशभक्ति का संचार करने में सफल रहा था। वर्तमान में, इसे हमारे राष्ट्र की एकता और अखंडता को दर्शाने के लिए भी गाया जाता है।

निष्कर्ष

इस स्मरण दिवस ने यह स्पष्ट किया कि वन्दे मातरम् की भावना आज भी हमारे दिलों में जीवित है। महाविद्यालय की यह पहल न केवल विद्यार्थियों को उनके सांस्कृतिक धरोहर का अन्वेषण करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि उन्हें भारतीयता के प्रति गौरवान्वित भी करती है।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे

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