शिवराज सिंह चौहान का विशेष संबोधन: "मैं मंत्री नहीं, एक भक्त और शिष्य बनकर आया हूं"

उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में शिरकत की और समापन समारोह में संबोधन दिया। समारोह में…

Jan 25, 2026 - 00:27
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शिवराज सिंह चौहान का विशेष संबोधन: "मैं मंत्री नहीं, एक भक्त और शिष्य बनकर आया हूं"
उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को हरिद्वार में आयोज

शिवराज सिंह चौहान का विशेष संबोधन: "मैं मंत्री नहीं, एक भक्त और शिष्य बनकर आया हूं"

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कम शब्दों में कहें तो, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में अपने संबोधन में कहा कि वह एक भक्त और शिष्य बनकर आए हैं, न कि मंत्री के रूप में।

उत्तराखंड दौरे के दौरान, शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरिद्वार में आयेजित एक भव्य समारोह में हिस्सा लिया। इस समारोह का आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा किया गया था, जो अपनी शताब्दी पूरी करने का जश्न मना रहा था। समारोह के समापन समारोह में चौहान ने लोगों के सामने अपने विचार साझा किए और बताया कि वे इस अवसर पर केवल एक सेवक और भक्त के रूप में उपस्थित हैं।

समारोह में शिवराज सिंह चौहान का संबोधन

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “मैं यहां मंत्री नहीं, बल्कि एक शिष्य, भक्त और सेवक बनकर आया हूं। बचपन में मैंने ‘अखण्ड ज्योति’ पत्रिका पढ़ी, जिसका हर शब्द मेरे लिए एक मंत्र के समान है।” उनके इस वक्तव्य से स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपनी आध्यात्मिक जड़ों को कभी नहीं भुलाया है, और वे अपने जीवन में सेवा और भक्ति को प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने समारोह में यह भी कहा कि समाज की सेवा करना उनके लिए सर्वोत्तम धर्म है और यही उनके राजनीतिक जीवन का मूल आधार है। चौहान ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करने के लिए कई उद्धरण भी साझा किए, जो उनके जीवन के अनुभवों से जुड़े हुए थे।

समाज में आध्यात्मिकता का महत्व

शिवराज सिंह चौहान ने समारोह के दौरान यह भी बताया कि आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में आध्यात्मिकता और धार्मिकता की आवश्यकता अधिक महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता केवल व्यक्तित्व को बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि यह समाज को एकजुट करने का भी एक महत्वपूर्ण साधन है। साधारण जीवन जीने और समाज के प्रति सेवाभाव रखने का संदेश देना उनकी प्राथमिकता है।

चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कुछ सालों में सरकार ने विभिन्न सामाजिक योजनाएं शुरू की हैं जो लोगों के जीवन में सुधार लाने का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है।

खास बातें समारोह की

समारोह में शामिल अन्य उपस्थित नेताओं और भक्तों ने भी शिवराज सिंह चौहान के विचारों का समर्थन किया और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि आज की पीढ़ी को आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। यह समारोह न केवल आध्यात्मिक स्वरूप का आयोजन था, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का भी प्रतिबिंब था।

इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें भक्तों ने भक्ति गीत गाकर माहौल को और भी भव्य बना दिया। चौहान ने खड़े रहकर इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया और भक्तों को प्रोत्साहित किया।

एक संदेश के साथ समाप्ति

चौहान ने अपने संबोधन का अंत एक विशेष संदेश के साथ किया: “हम सभी मिलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रयासरत रहें। हमारी धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएँ हमें एक-दूसरे से जोड़े रखती हैं। हमें एकजुट होकर अपने समाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।”

दर्शकों ने उनकी बातें ध्यान से सुनकर तालियों के साथ समर्थन दर्शाया। इस समारोह ने निश्चित ही एक नई ऊर्जा प्रदान की और सभी उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।

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Team India Twoday, by Priya Sharma

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