सीएम धामी ने मां के साथ अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं जाकर अनुभव साझा किए

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपनी माता जी के साथ, पिथौरागढ़ जनपद स्थित अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं पहुंच कर, स्थानीय लोगों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने गांव के मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की है। मुख्यमंत्री धामी ने गांव में बिताए अनुभव साझा करते हुए […]

Nov 15, 2025 - 09:27
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सीएम धामी ने मां के साथ अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं जाकर अनुभव साझा किए
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपनी माता जी के साथ, पिथौरागढ़ जनपद स्थित अ

सीएम धामी ने मां के साथ अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं जाकर अनुभव साझा किए

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं में अपनी माता जी के साथ भावुक क्षण बिताए, स्थानीय लोगों से मिले और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपनी माता जी के साथ पिथौरागढ़ जनपद स्थित अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं की यात्रा की। इस दौरान, उन्होंने स्थानीय लोगों से भेंट की और गांव के मंदिर में पूजा अर्चना करके प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की है।

मुख्यमंत्री का भावनात्मक यात्रा का अनुभव

मुख्यमंत्री धामी ने गांव के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अपनी माँ के साथ टुंडी-बारमौं की यात्रा उनके लिए एक बेहद भावुक क्षण रहा। यह वही गांव है, जहाँ उन्होंने बच्चे के रूप में बिताए अनमोल पल, पहली बार विद्यालय जाने की राह पकड़ी और जहां की संस्कृति तथा परंपराओं ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया।

बुजुर्गों से मिले स्नेह और अपनत्व की यादें

मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव पहुंचने पर बुजुर्गों का स्नेहिल आशीर्वाद और मातृशक्ति की अद्भुत ऊर्जा ने उनके दिल को भावनाओं से भर दिया। कई बुजुर्गों ने उन्हें बचपन के नाम से पुकारते हुए उनके प्रति अपनत्व दर्शाया, जो कि शब्दों में नहीं कह सकते। नौनिहालों और युवाओं की मुस्कान ने उनकी पुरानी यादों को ताजा कर दिया, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

गांव की जड़ों और पहचान पर चर्चा

सीएम ने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि टुंडी-बारमौं उनके लिए केवल एक गांव नहीं, बल्कि उनकी जड़ें, संस्कार और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आग्रह पर, हर उत्तराखंडवासी को अपने पैतृक गांव में अपने घरों को सहेजने का प्रयास करना चाहिए। प्रवासी उत्तराखंडी अपने गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अंत में, मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखंडवासियों से अपील की कि वे अपने गांवों के विकास में योगदान दें और अपने पुराने घरों को फिर से जीवित करें। इस तरह की यात्रा न केवल व्यक्तित्व के लिए बल्कि गाँव की समृद्धि और संस्कृति के लिए भी महत्वपूर्ण होती है।

Team India Twoday - साक्षी शर्मा

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