हरक सिंह रावत का सरकार को अल्टीमेटम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना जारी
हरिद्वार: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। हरिद्वार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विकास भवन के निकट प्रदेश स्तरीय धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, वो आंदोलन जारी रखेंगी। […] The post हरक सिंह रावत ने दी सरकार को चेतावनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धरने में गरजे first appeared on Vision 2020 News.
हरक सिंह रावत का सरकार को अल्टीमेटम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना जारी
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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। यदि उनकी परेशानियों का समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन जारी रहेगा।
हरिद्वार: राज्य के आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित एक बड़ा धरना प्रदर्शन हरिद्वार के विकास भवन के निकट शुरू किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे अपने इस आंदोलन को जारी रखेंगी।
हरक सिंह रावत का समर्थन और रोष
धरने में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार की तरफ से अब तक उनकी समस्याओं के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे आंगनबाड़ी कर्मचारियों में निराशा व्याप्त है। इस आंदोलन को उत्तराखंड कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का समर्थन प्राप्त हुआ है। रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगें उचित और न्यायसंगत हैं, और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी से कंपकंपी
धरने में पहुंचे हरक सिंह रावत ने सरकार से अपील की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को ध्यान में लेकर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया जाता है, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी। रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को और ज्यादा समर्थन की आवश्यकता है और उन्हें उनके काम के लिए उचित मानदेय मिलना चाहिए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें हैं:
- उचित मानदेय
- रोजगार सुरक्षा
- सरकारी योजनाओं में उनकी भूमिका को मान्यता
- स्वास्थ्य व अन्य लाभों का विस्तार
अगर सरकार इस समय भी उनकी मांगों की अनदेखी करती है, तो यह निश्चित रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए अकारण संघर्ष को जन्म देगा।
कांग्रस और अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस आंदोलन के समर्थन का आश्वासन दिया है। लिहाजा, यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, यह आंदोलन केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि समाज के उस वर्ग का संघर्ष है जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह इन मांगों का समाधान शीघ्रता से करें।
आगे बढ़ने के लिए, सभी संबंधित पक्षों को एक साथ मिलकर इस मुद्दे का हल निकालने की आवश्यकता है। उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देगी और उचित कार्रवाई करेगी।
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– टीम इंडिया टुडे, सृष्टि शर्मा
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