हरिद्वार में अतिक्रमण पर हमला, अभियान ने पाँचवे दिन भी गति पकड़ी
हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान लगातार पाँचवें दिन भी जारी रहा। लगातार शहर से अतिक्रमण को धवस्त किया जा रहा है। हरिद्वार में पाँचवें दिन भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी जिलाधिकारी और नगर आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत गंगा घाटों से अवैध […] The post हरिद्वार में अतिक्रमण पर वार, पाँचवें दिन भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी first appeared on Vision 2020 News.
हरिद्वार में अतिक्रमण पर हमला, अभियान ने पाँचवे दिन भी गति पकड़ी
हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान लगातार पाँचवे दिन भी जारी रहा। कम शब्दों में कहें तो, शहर से अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को स्वच्छता एवं सुंदरता का अनुभव हो रहा है।
यह अभियान जिलाधिकारी और नगर आयुक्त के निर्देश के तहत चलाया जा रहा है। गंगा घाटों से अवैध कब्जों को हटाने के उद्देश्य से नगर निगम की टीम ने आज भी सख्त कार्रवाई की। अलकनंदा घाट, बिरला घाट, विष्णु घाट, हाथी पुल और सुभाष घाट क्षेत्रों में चलाए गए इस सघन अभियान के दौरान 30 से अधिक अवैध अतिक्रमण हटाए गए। साथ ही, 20 से ज्यादा अवैध ठेलियों को मौके पर ही नष्ट किया गया।
200 से अधिक प्लास्टिक कैनों को किया नष्ट
इस अभियान के दौरान टीम ने तीन ट्रॉली प्लास्टिक कैनों को जब्त किया, जबकि 200 से अधिक प्लास्टिक कैनों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह कदम गंगा घाटों की स्वच्छता और सौंदर्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। नगर निगम की इस प्रयास से हरिद्वार को अतिक्रमण मुक्त और अधिक स्वच्छ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हमारा उद्देश्य स्पष्ट है: नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती अपनाई जाएगी। उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई रक्षक संजय शर्मा, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, और अतिक्रमण सहायक आदित्य तेश्वर समेत नगर निगम की पूरी टीम इस अभियान के दौरान सक्रिय रूप से मौजूद रही।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। नगर निगम का यह अतिक्रमण विरोधी अभियान न केवल हरिद्वार की स्वच्छता में योगदान कर रहा है, बल्कि धार्मिक स्थल की सुंदरता को भी बरकरार रखेगा।
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यह अभियान अतिक्रमण को रोकने के लिए अन्य नगर निगमों के लिए भी एक उदाहरण पेश कर रहा है। यदि अन्य शहर भी इस दिशा में कदम उठाते हैं, तो शहरों में रोज़मर्रा की समस्याओं को कम किया जा सकेगा।
हरिद्वार में यह अभियान ये दर्शाता है कि जब प्रशासन और नागरिक मिलकर चलते हैं, तो बड़े बदलाव संभव हैं। यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा, जिससे कि हरिद्वार की पहचान और भी उज्ज्वल हो सके।
— टीम इंडिया टुडे, साक्षी शर्मा
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