हर ब्लॉक में आदर्श कृषि एवं उद्यान गांवों की स्थापना, किसानों को मिलेगी बीज से बाजार तक सुविधा

रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखंड... The post किसानों को बीज से बाजार की सुविधा के लिए हर ब्लॉक में बनेंगे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव appeared first on Uttarakhand Raibar.

May 15, 2026 - 09:27
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हर ब्लॉक में आदर्श कृषि एवं उद्यान गांवों की स्थापना, किसानों को मिलेगी बीज से बाजार तक सुविधा
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उ

हर ब्लॉक में आदर्श कृषि एवं उद्यान गांवों की स्थापना

रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड से एक-एक गांव को कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है।

कम शब्दों में कहें तो, यह योजना किसानों को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार की गई है।

आदर्श गांवों का चयन और विकास

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु और भूमि की गुणवत्ता का अध्ययन करें। इसके फलस्वरूप, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक क्षेत्र में कौन-से फल, सब्जियाँ या अन्य कृषि उत्पादों का उत्पादन अधिक कुशलता से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध कार्यों के माध्यम से राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है।

किसानों के हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही, कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने का भी निर्देश दिया गया।

कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन

मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि गोविन्द बल्लभ पन्त, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के सहयोग से किसानों के लिए कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, बेहतर खेती के तरीकों तथा उच्च गुणवत्ता वाले पौध, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

तिलहनी फसलों के प्रति जागरूकता

मुख्यमंत्री ने तिलहनी फसलों जैसे सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इन फसलों के लाभों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके और किसानों को आर्थिक दृष्टि से बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।

सौर ऊर्जा और जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने बायो गैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के विपणन में हर संभव सहायता दी जानी चाहिए। साथ ही, डिजिटल माध्यमों के जरिए बिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण भी किसानों को प्रदान किए जाएंगे।

शोध और तकनीकी नवाचार का लाभ

मुख्यमंत्री ने राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किस तरह से शोध और तकनीकी नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाया जा सके ताकि अधिक से अधिक किसानों को "लैब टू लैंड" कार्यक्रम के माध्यम से जोड़ा जा सके।

इस प्रकार, मुख्यमंत्री धामी की यह पहल न केवल कृषि विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी सशक्त बनाएगी। प्रदेश के किसानों का उत्थान करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

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सादर, टीम इंडिया टुडेज़ (सिया शर्मा)

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