60 वर्ष की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा, 10 पिंक बसें चलेंगी - रक्षाबंधन पर सरकार का उपहार
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा... The post 60 वर्ष की महिलाएं करेंगी रोडवेज बसों में मुफ्त सफर, 10 पिंक बसें चलेंगी, हाईटेक वुमेन टॉयलेट बनेंगे, रक्षाबंधन पर भाई पुष्कर का बहनों को तोहफा appeared first on Uttarakhand Raibar.
60 वर्ष की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा, 10 पिंक बसें चलेंगी - रक्षाबंधन पर सरकार का उपहार
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें 60 वर्ष की आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शामिल है।
मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा, और गरिमा को ध्यान में रखते हुए एक कार्यक्रम में इन योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाने हेतु आधुनिक हाईटेक टॉयलेट्स के निर्माण की बात भी की। इन टॉयलेट्स में साफ-सफाई के साथ-साथ महिलाओं की निजता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा
रक्षाबंधन के पर्व पर, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त सफर की व्यवस्था को अब 60 वर्ष की आयु से शुरू किया जाएगा। इससे बुजुर्ग महिलाओं को आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा। परिवहन व्यवस्था में यह बदलाव निश्चित रूप से कई महिलाओं को सहारा देगा और उनकी यात्रा को सहज बनाएगा।
महिलाओं के लिए पिंक ई-बस सेवा
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में चलने वाली प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत 137 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक रंग में समर्पित की जाएंगी। यह सुविधा महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प प्रदान करेगी। यह योजना धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस सेवाओं का लाभ ले सकें।
स्वरोजगार योजना में सुधार
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए, मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख करने की घोषणा की। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी और विभिन्न क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए ज़रूरी पूंजी प्राप्त कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं रोजगार मांगने वाली न बनें, बल्कि रोजगार देने वाली बनें।
रक्षाबंधन समारोह में बेहनों से भेंट
रक्षाबंधन के मौके पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर स्टेडियम में आयोजित समारोह में भाग लिया और बहनों से राखी बंधवाने के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बहनों के प्रति अपनी संवेदनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन बहुत खास है।
उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम और जिम्मेदारियों का पर्व है। जब हम एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का अहसास करते हैं, तो रिश्ते और दृढ़ होते हैं।" सीएम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नवीनतम सरकार पहल
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नंदा गौरा योजना के अंतर्गत सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक का ध्यान रखती है। इसके अतिरिक्त, 181 महिला हेल्पलाइन और वन-स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाती है। इससे व्यापक स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के उत्पादों को बढ़ावा
महिला उत्पादकता को बढ़ावा देने की दिशा में, मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासखंडों में केंद्र स्थापित करने की योजना की भी बात की। 13 जिलों के उत्पादों की बिक्री हेतु 13 सेंटर स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे महिलाएं अपने उत्पादों को बाज़ार में बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगी।
कुल मिलाकर, यह योजनाएं न केवल महिलाओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने जा रही हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम हैं। इससे महिलाएं समाज में अपनी भूमिका को और भी मजबूती से निभा सकेंगी।
इन सभी सुझावों और योजनाओं के माध्यम से, उत्तराखंड की सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की कोशिशें कर रही है। उम्मीद है कि इन पहलों के जरिए महिलाओं को उनकी गरिमा, स्थिति, और स्वतंत्रता में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।
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टीम इंडिया ट्वोडे: सुष्मिता
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