NIEPVD में दिव्यांग छात्रों का जोरदार विरोध, स्थायी निदेशक और अन्य मांगें उठाई गईं
देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) में दिव्यांग छात्र-छात्राओं का आंदोलन तेज हो गया है। लंबे समय से लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर संस्थान परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासनिक भवन में ताला लगाकर अपना विरोध जताया और साफ कर दिया कि […] The post NIEPVD में दिव्यांग छात्रों का फूटा गुस्सा, क्लास छोड़ प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन, स्थायी निदेशक समेत कई मांगें first appeared on Vision 2020 News.
NIEPVD में दिव्यांग छात्रों का जोरदार विरोध, स्थायी निदेशक और अन्य मांगें उठाई गईं
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) में दिव्यांग विद्यार्थियों का आंदोलन बढ़ता जा रहा है, जिसमें उन्होंने संस्थान की प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याओं के लिए जोरदार प्रदर्शन किया है।
देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) में दिव्यांग छात्र-छात्राओं की आवाजें अब गूंज रही हैं। लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया ना मिलने से नाराज होकर विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए संस्थान परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासनिक भवन में ताला लगाकर अपनी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन अब पर्याप्त नहीं है। उनके प्रमुख मुद्दों में संस्थान में स्थायी निदेशक की नियुक्ति, छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता योजना को फिर से शुरू करना शामिल है।
कक्षाओं से बाहर आए छात्र, प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन
लंबित मांगों को लेकर बड़ी संख्या में दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राएं अपनी कक्षाओं से बाहर निकल आए। प्रदर्शनकारी छात्र प्राचार्य कार्यालय और निदेशक कार्यालय तक पहुंचे और संस्थान प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। छात्रों का कहना है कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से संस्थान के सामने हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
चार साल से स्थायी निदेशक की नियुक्ति नहीं
छात्रों के आंदोलन की सबसे प्रमुख वजह संस्थान में स्थायी निदेशक की नियुक्ति का न होना माना जा रहा है। विद्यार्थियों का दावा है कि करीब चार वर्षों से संस्थान में स्थायी निदेशक नहीं है। इस कमी के चलते संस्थान की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ रहा है। विद्यार्थियों का मानना है कि स्थायी नेतृत्व के अभाव में कई महत्वपूर्ण फैसले समय पर नहीं लिए जा पा रहे हैं, और उनकी शिकायतों का समाधान भी विलंबित हो रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द नियमित निदेशक की नियुक्ति की मांग की है।
छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता योजना फिर शुरू करने की मांग
दिव्यांग विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता योजना को दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए इस तरह की सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब छात्र उच्च शिक्षा हासिल करते हैं, तो किताबों, डिजिटल संसाधनों और अन्य जरूरी सुविधाओं पर होने वाला खर्च कई विद्यार्थियों के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में आर्थिक सहायता योजना का पुनरारंभ आवश्यक है।
डिस्पेंसरी में कथित दुर्व्यवहार का आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने संस्थान की डिस्पेंसरी में कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया है। छात्रों का आरोप है कि उपचार के दौरान उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया। विद्यार्थियों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि अगर जांच में आरोप सही पाए गए, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और सम्मान बेहद जरूरी है।
अब छात्रों की मांगों पर कार्रवाई का इंतजार
NIEPVD में छात्रों का यह आंदोलन न केवल संस्थान की व्यवस्थाओं बल्कि दिव्यांग विद्यार्थियों की लंबित समस्याओं पर एक बार फिर से प्रकाश डाल रहा है। छात्रों ने स्थायी निदेशक की नियुक्ति से लेकर छात्रवृत्ति, डिजिटल संसाधनों, और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रदर्शन किया है।
अब देखना यह होगा कि प्रबंधन और संबंधित विभाग इस मामले में छात्रों की मांगों पर किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं। फिलहाल प्रबंधन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच ongoing वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है।
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संपादक द्वारा: प्रिया शर्मा, Team India Twoday
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