उत्तराखंड का वीर शहीद: हवलदार गजेन्द्र सिंह ने आतंकियों के खिलाफ दी शहादत
रैबार डेस्क: देवभूमि उत्तराखंड के लिए बेहद दुखद खबर है। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में... The post दुखद: आतंकियों से मुठभेड़ में उत्तराखंड का लाल शहीद, हवलदार गजेन्द्र सिंह ने दिया सर्वोच्च बलिदान appeared first on Uttarakhand Raibar.
उत्तराखंड के वीर लाल शहीद: हवलदार गजेन्द्र सिंह ने दी सर्वोच्च बलिदान
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कम शब्दों में कहें तो, जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए उत्तराखंड के हवलदार गजेन्द्र सिंह ने मातृभूमि के लिए अंतिम सांस ली। उनकी शहादत ने पूरे देश को संजीदा कर दिया है।
रैबार डेस्क: देवभूमि उत्तराखंड के लिए यह एक अत्यंत दुखद घटना है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों से मुकाबला करते हुए हवलदार गजेन्द्र सिंह शहीद हो गए हैं। हवलदार गजेन्द्र का تعلق बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र के बीथी पन्याती गांव से था और वह आतंकवाद के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा थे। उनकी बहादुरी और पराक्रम को हमेशा याद रखा जाएगा।
आतंकियों से मुठभेड़ की घटनाएं
रविवार को भारतीय सेना को किश्तवाड़ के सिंहपोरा इलाके में आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी मिली, जिसके बाद सेना ने आतंकियों के खिलाफ 'ऑपरेशन TRASHI-I' शुरू किया। इस अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें आठ जवान घायल हुए। हवलदार गजेन्द्र सिंह ने अपने घायल साथियों को सुरक्षित निकालते हुए, स्वयं को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस हमले में उन्होंने अंतिम सांस ली।
हवलदार गजेन्द्र की courageous हरकत ने उन्हें उनके साथियों के दिलों में अमर बना दिया है। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जीओसी सहित कई सैनिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके साहस और बलिदान को सदा याद रखा जाएगा। इस ग्रेनेड हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि खतरे को नियंत्रित किया जा सके।
अरुणाचल प्रदेश में दूसरी दुखद घटना
अरुणाचल प्रदेश से भी दुखद समाचार आया है जहां 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविन्द्र सिंह ने मातृभूमि की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त किया। यह घटना 18 जनवरी 2026 को हुई है। शहादत की खबर सुनकर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। हवलदार रविन्द्र सिंह, जनपद रुद्रप्रयाग के ग्राम आगर, दशज्यूला के निवासी थे और उनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 20 जनवरी 2026 को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को एक बार फिर से अपनी सुरक्षा बलों की शहादत पर गर्व करने का अवसर दिया है। भारत माता की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले इन साहसी वीरों को देश हमेशा याद करेगा।
हमारी श्रद्धांजलि हवलदार गजेन्द्र सिंह और हवलदार रविन्द्र सिंह को।
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सादर, टीम इंडिया टुडे - सहमा त्रिपाठी
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