उत्तराखंड के राज्यपाल का राज्य स्थापना दिवस पर बधाई संदेश, 25 वर्षों की अद्वितीय विकास यात्रा का जश्न
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 25 वर्ष की गौरवशाली विकास यात्रा का महोत्सव है और हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारी यह यात्रा संकल्प, परिश्रम और सफलता की रही है। […] The post राज्यपाल ने दी राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती की बधाई, कहा- ये 25 वर्ष की गौरवशाली विकास यात्रा का महोत्सव first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड के राज्यपाल का राज्य स्थापना दिवस पर बधाई संदेश
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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा का जश्न मनाने का आह्वान किया और इस यात्रा को संकल्प और परिश्रम की सफलता का प्रतीक बताया।
राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर बधाई
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्तराखंड की 25 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा का महोत्सव है और हम गर्व से कह सकते हैं कि यह यात्रा संकल्प, परिश्रम और सफलता की यात्रा रही है। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जननायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के स्वप्न को साकार किया।
युवाओं की संभावनाएं और राज्य की प्रगति
राज्यपाल ने आगे कहा कि उत्तराखंड के युवा संभावनाओं और सामर्थ्य से भरे हुए हैं, जिन्होंने राज्य गठन के बाद से विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। चाहे वो अर्थव्यवस्था का विस्तार हो या जन-कल्याणकारी योजनाएं, उत्तराखंड ने 25 वर्षों में लगातार प्रगति की है। इसके साथ ही, राज्य ने कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं, जैसे कि समान नागरिक संहिता को लागू करना।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में जी-20 बैठकों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, और विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इन सफलताओं ने राज्य के विकास के लिए एक नई दिशा तय की है और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर नई उम्मीदें जगी हैं।
विकास और विरासत का संगम
राज्यपाल ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहें। उन्होंने विकास और विरासत को एक साथ चलाने का आह्वान किया। आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना आवश्यक है। राज्य में होम-स्टे योजना, वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट, और अन्य विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देना है।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यहाँ का पर्यटन और निवेश सुरक्षित और सुव्यवस्थित बना रहे, पुलिस की भूमिका प्रशंसा के योग्य है।
महिला सशक्तिकरण और युवा शक्ति
राज्यपाल ने उत्तराखंड की मातृशक्ति को राज्य के विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह न केवल आर्थिक सशक्तीकरण की ओर अग्रसर हैं, बल्कि वे नई कहानियाँ भी गढ़ रही हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे तकनीकी ज्ञान को अपनाएं और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयास करें। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उनकी ऊर्जा और नवाचार से राज्य का भविष्य उज्ज्वल बने। राज्यपाल ने युवाओं को नई तकनीकों जैसे कि एआई, सेमीकंडक्टर, और साइबर तकनीक के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
राज्यपाल के इस प्रेरणादायक संदेश को सुनकर यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा सिर्फ प्रारंभ है। उन्होंने राज्य की सार्थक प्रगति के लिए लोगों से एकजुटता का आह्वान किया है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह की इस प्रेरणादायक वाणी में न केवल राज्य की उपलब्धियों का जिक्र है, बल्कि भविष्य की दिशा का भी स्पष्ट संकेत है। आइए, हम सभी मिलकर इस गौरवशाली यात्रा में सहयोग करें।
इन सभी मुद्दों और वक्तव्यों के साथ, उत्तराखंड राज्य की जड़ों को पहचानने और उभरते कीर्तिमानों के प्रति सजग रहने का समय है।
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संपादक: प्रियंका शर्मा
Team India Twoday
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