उत्तराखंड: दीपावली से पहले उजड़े घर का चिराग, लापरवाह चालक ने ली युवाओं की जान
देहरादून: शहर में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक के बाद एक सड़क हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। प्रेमनगर थाना क्षेत्र की मांडूवाला रोड पर हुए एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर की जान चली गई। दीपावली से पहले घर का चिराग बुझ गया। मांडूवाला रोड पर कार ने बाइक …
उत्तराखंड: दीपावली से पहले उजड़े घर का चिराग, लापरवाह चालक ने ली युवाओं की जान
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएँ लोगों को चिंता में डाल रही हैं। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला रोड पर 14 अक्टूबर को एक दुखद दुर्घटना में 17 वर्षीय अंशुल कंबोज की जान चली गई। दीपावली जैसे उत्सव से पहले अंशुल का निधन उनके परिवार के लिए एक बड़ा दुख बन गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को उनके बिछड़ने का खेद है।
मांडूवाला रोड पर लापरवाह चालक ने कुचला बाइक सवार
मांडूवाला रोड पर हुई इस घटना में हरियाणा के करनाल निवासी अंशुल कंबोज, जो मांडूवाला में एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था, अपनी बाइक पर डॉल्फिन कॉलेज के लिए निकला था। शाम करीब 5:30 बजे एक तेज रफ्तार कार ने गलत दिशा में चलकर अंशुल की बाइक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अंशुल को तुरंत सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में अंशुल के मामा संदीप चौहान की शिकायत पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
क्लमेंटटाउन और पटेलनगर में भी बढ़े हादसे
इसी दिन क्लमेंटटाउन के टर्नर रोड, लेन नंबर-7 पर एक अन्य दुर्घटना में सावन थापा नामक बाइक सवार भी घायल हो गया। थानाध्यक्ष मोहन सिंह के अनुसार, सावन के परिवार ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वही, 2 अक्टूबर को पटेलनगर के देहराखास क्षेत्र में भी एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मनप्रीत नामक युवती गंभीर रूप से घायल हुई, जिसमें बाइक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।
मांडूवाला रोड पर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
स्थानीय निवासियों ने मांडूवाला और सुद्धोवाला को जोड़ने वाली सड़क पर बार-बार हो रहे हादसों को लेकर चिंता व्यक्त की है। पंकज भट्ट, एक स्थानीय निवासी ने कहा कि तेज रफ्तार वाहन चलाना, नशे में आकर गाड़ी चलाना और सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे इस मार्ग को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि सड़क की हालत सुधारने, गति नियंत्रण करने और सुरक्षा उपायों को लागू करने की आवश्यकता है। यह मार्ग पहले भी घातक साबित हो चुका है, जिसमें नौ महीने पहले एक बच्चे की भी जान गई थी।
इस दुखद घटना ने केवल परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। यदि समय रहते सड़क सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो भविष्य में और भी जीवन बर्बाद हो सकते हैं।
कम शब्दों में कहें तो, इस प्रकार की लापरवाही सड़क हादसों को बढ़ावा दे रही है और हमें इसे रोकने के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है। अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.
टीम इंडिया टुडे (संगमा शाही)
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