उत्तराखंड पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि: दुबई से प्रत्यर्पित गैंगस्टर जगदीश पुनेठा, 15 करोड़ ठगी का सरगना
उत्तराखंड पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुबई से फरार चल रहे कुख्यात ठग और गैंगस्टर जगदीश पुनेठा को 13 नवंबर को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर भारत लाया। सीबीसीआईडी की विशेष टीम ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर अबू धाबी पुलिस के सहयोग से उसे दुबई एयरपोर्ट पर दबोचा। पिथौरागढ़ …
उत्तराखंड पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस ने दुबई से फरार कुख्यात ठग और गैंगस्टर जगदीश पुनेठा को भारत लाकर एक बड़ी सफलता प्राप्त की है।
उत्तराखंड पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 13 नवंबर को दुबई में रहने वाले खतरनाक ठग और गैंगस्टर जगदीश पुनेठा को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर लिया। यह कार्रवाई केंद्रीय पुलिस अनुसंधान एवं विकास निदेशालय (सीबीसीआईडी) की विशेष टीम द्वारा की गई, जिसने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर अबू धाबी पुलिस के सहयोग से दुबई एयरपोर्ट पर उसे गिरफ्तार किया।
जगदीश पुनेठा के आपराधिक कारनामे
जगदीश पुनेठा, जो पिथौरागढ़ के निवासी हैं, पर संगठित अपराध, फर्जी निवेश योजनाएँ चलाने, और 15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। उसने अपनी गिरोह के माध्यम से विभिन्न फर्जी कंपनियों जैसे निर्मल बंग कमोडिटी, रॉयल पैन्थर, और मातृछाया आभूषण के नाम पर लोगों को उच्च रिटर्न का झांसा देकर 15.17 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
इस अवैध कमाई से, उसने ₹2.22 करोड़ की संपत्ति अर्जित की, जिसे पुलिस ने पहले ही कुर्क कर लिया है। पिथौरागढ़ और जाजरदेवल थानों में उसके खिलाफ चार गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, धमकी, और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
2022 में, उत्तराखंड पुलिस ने जगदीश पुनेठा पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया था। इसके बाद, जब 2024 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ, तब 10 नवंबर 2025 को सीबीसीआईडी की तीन सदस्यीय टीम, जिसमें मनोज कुमार ठाकुर (अपर पुलिस अधीक्षक), ललित मोहन जोशी (प्रभारी निरीक्षक), और सतीश कुमार शर्मा (निरीक्षक) शामिल थे, दुबई गई। 13 नवंबर को सुरक्षा मिशन के तहत उसे भारत लाया गया। जगदीश को 14 नवंबर को पिथौरागढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और उसके प्रभाव
जगदीश का भाई ललित पुनेठा और उसका सहयोगी पंकज शर्मा पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि उसके पिता चंद्र प्रकाश पुनेठा अभी फरार है। पुलिस ने अन्य पीड़ितों की पहचान करने, शेष संपत्ति कुर्क करने, और गैंग के शेष सदस्यों को ढूंढने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
डीजीपी दीपम सेठ ने इस कार्यवाही को उत्तराखंड पुलिस की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा, “अपराधी चाहे दुनिया के किसी कोने में छिप जाए, कानून उसे पकड़ने में सक्षम होगा।” पुलिस ने आम जनता से फर्जी निवेश योजनाओं के प्रति सतर्क रहने और आवश्यकतानुसार शिकायत दर्ज करने की अपील की है।
इस महत्वपूर्ण जांच में संलिप्त सभी अधिकारियों की मेहनत और समर्पण को देखने के बाद ये स्पष्ट है कि उत्तराखंड पुलिस अब पहले से ज्यादा समर्थ और सशक्त हो गई है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही उनके भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
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सादर,
टीम इंडिया ट्वोडे द्वारा - नीतू शर्मा
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