उत्तराखंड में PWD को 609 करोड़ का नुकसान: साल 2025 की आपदाओं ने किया भारी असर
देहरादून: उत्तराखंड के लिए बीता साल 2025 मॉनसून में भीषण आपदाओं के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश की सड़कों और मोटर ब्रिजों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। लोक निर्माण विभाग (PWD) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 13 जिलों में स्थित विभाग के 62 डिवीजनों के अंतर्गत करीब 6170 […] The post साल 2025 में PWD को 609 करोड़ का नुकसान, उत्तरकाशी रहा सबसे अधिक प्रभावित जिला first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड में PWD को 609 करोड़ का नुकसान: साल 2025 की आपदाओं ने किया भारी असर
देहरादून: उत्तराखंड के लिए साल 2025 ने कई चुनौतियाँ पेश की हैं, खास करके मॉनसून के दौरान। यहाँ कुछ दुश्वारियों ने सड़कों और मोटर ब्रिजों को गंभीर नुकसान पहुँचाया, जिससे लोक निर्माण विभाग (PWD) को शायद सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में करीब 6170 स्थानों पर क्षति हुई, जिससे विभाग को लगभग 609 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहाँ न केवल यातायात बाधित हुआ, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ा।
आपातकालीन सेवाओं को संचालित करने के लिए लोक निर्माण विभाग के योग्य परियोजना टीमों ने राज्य के 13 जिलों में स्थित 62 डिवीजनों के तहत प्रभावी निरीक्षण कार्य किया, जिसमें जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शामिल थे।
उत्तरकाशी: सबसे अधिक प्रभावित जिला
उत्तरकाशी जिला विशेष रूप से इस बार की प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुआ। नौगांव ब्लॉक में सबसे ज्यादा तबाही हुई, जहाँ 119 स्थानों पर सड़कों को नुकसान पहुँचाया गया। इससे यातायात में रुकावट आई और स्थानीय लोगों की जिंदगी पर बुरा असर पड़ा है।
नोटिस के अनुसार निरीक्षण कार्य
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 3575 मोटर ब्रिज हैं, जिनमें से 3450 का निरीक्षण पूरा किया गया है। इस निरीक्षण में 14 ब्रिज जर्जर होने पाए गए हैं। इनकी स्थिति के आधार पर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, ताकि उन पर उचित कार्रवाई की जा सके। पंकज पांडे, सचिव लोक निर्माण विभाग, ने बताया कि जो पुल रेट्रो फिटिंग के योग्य हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है, जबकि जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें नया निर्माण किया जाएगा।
मॉनसून के बाद की तैयारियाँ
हर साल मॉनसून के बाद सभी मोटर ब्रिजों का निरीक्षण किया जाता है। 2025 के मॉनसून के असर से बचने के लिए, लोक निर्माण विभाग ने इस बार के निरीक्षण को अत्यधिक महत्व दिया। एहतियाती उपायों के तहत सचिव ने सभी ब्रिजों का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय पर रोका जा सके।
आधुनिक ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम
राज्य के लोक निर्माण विभाग ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है, जो सड़कों और मोटर ब्रिजों के नुकसान पर नज़र रखने का कार्य करेगा। इस पोर्टल में क्षति की जानकारी फोटो सहित अपलोड की जाती है, और इसका पुनर्निर्माण एवं ट्रीटमेंट की प्रगति रिपोर्ट भी देखा जा सकेगा। यह व्यवस्था रीयल टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करती है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होती हैं।
पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी
पिछले मॉनसून सीजन में बाधित सड़कें अब पुनः कनेक्ट की जा रही हैं। जिन स्थानों पर बड़े पैमाने पर क्षति हुई थी, वहाँ पुनर्निर्माण कार्यों की प्रक्रिया चालू है। इसके लिए आपदा प्रबंधन के एसडीआरएफ मद से लोक निर्माण विभाग को 50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
मॉनसून सीजन खत्म होने के बाद, विभाग ने जल्द ही सड़कों की मरम्मत कार्यों को शुरू किया है। पूरे प्रदेश में करीब 4400 किलोमीटर संक्रमित सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया है। आगामी बर्फबारी के मौसम को देखते हुए, विभाग संवेदनशील स्थलों की पहचान कर रहा है, जहां सड़कों को नुकसान पहुँचेगा। ऐसे संभावित स्थानों पर संसाधनों और मशीनरी को तैनात किया जा रहा है।
— राजेश शर्मा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड
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