उत्तराखंड में नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती समाप्त, घिल्डियाल ने दी जानकारी
नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती समाप्त हो :: घिल्डियाल लेखपाल का 20 वर्षों की सेवा के बाद भी पदोन्नति से वंचित होना चिंताजनक रबी पड़ताल से पहले लेखपाल होंगे लैपटॉप…
उत्तराखंड में नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती समाप्त, घिल्डियाल ने दी जानकारी
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती समाप्त हो गई है, जो कि सेवाकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। इस विषय पर लेखपालों की 20 वर्षों की सेवा के बावजूद पदोन्नति से वंचित रहना चिंताजनक स्थिति उत्पन्न कर रहा है।
घिल्डियाल का बयान
उत्तराखंड के जनप्रतिनिधि घिल्डियाल ने हाल ही में कहा कि नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती को समाप्त करना बेतुका निर्णय है, खासकर तब जब लेखपालों ने लंबे समय से कार्य किया है और भीषण राजनीति की शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि लेखपालों के लिए यह न केवल नौकरी क्यों बढ़ने का अवसर है, बल्कि इसके पीछे लंबी सेवा का अनादर भी है।
20 वर्षों का अनुभव और पदोन्नति की कमी
लेखपालों का कहना है कि 20 वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें पदोन्नति का अवसर नहीं मिलना चिंताजनक है। इसके पीछे कई कारक हैं, जिनका आंकलन किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमावली में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है ताकि योग्य व्यक्तियों को उचित अवसर मिल सके।
रबी पड़ताल की तैयारी
इसी बीच, रबी पड़ताल से पहले लेखपालों को लैपटॉप प्रदान करने की योजना बनाई गई है। यह ना केवल कार्य में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि सरकारी फाइलों की वास्तविकता को भी डिजिटल रूप में सहेजने का अभियान है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह परिवर्तन सरकारी नौकरियों की स्थिति में किस प्रकार सुधार लाता है।
प्रस्तावित सेवा नियमावली का महत्व
आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु की ओर से प्रस्तावित उत्तराखंड अधीनस्थ राजस्व कार्यपालक (राजस्व निरीक्षक) सेवा नियमावली, 2024, इस क्षेत्र में एक नये दिशा में प्रयास करने का संकेत देती है। इसके अनुसार, राजस्व परिषद में लेखपाल संघ और पर्वतीय पटवारी संघ के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा, जो इस स्थिति को और बेहतर बनाएगा।
भावी योजना और बदलाव
इस निर्णय से प्रभावित सभी पक्षों का ध्यान इस बात पर है कि कौन से कदम उठाए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लेखपालों को उनकी मेहनत और अनुभव के अनुसार उचित मान्यता प्राप्त हो। इसे देखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि राज्य सरकार इस दिशा में कदम उठाए और नये नियमों को जल्द से जल्द क्रियान्वित करे।
देश के विभिन्न हिस्सों में नौकरियों के इस संकट को दूर करने के लिए यह आवश्यक है कि सभी संबंधित अधिकारी सक्रिय रूप से जुड़े रहें और एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
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सादर, टीम इंडिया टुडे - सविता शर्मा
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