उत्तराखंड: वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया गुलदार, आतंक का सामना

उत्तराखंड में जंगली जानवरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पौड़ी के डोभाल ढांडरी और कोटी गांव में वन विभाग की टीम ने…

Nov 28, 2025 - 00:27
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उत्तराखंड: वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया गुलदार, आतंक का सामना
उत्तराखंड में जंगली जानवरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पौड़ी के डोभाल ढांडर

उत्तराखंड: वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया गुलदार, आतंक का सामना

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, हाल ही में वन विभाग ने एक चार साल के गुलदार को कैद कर लिया।

गुलदार की गिरफ्तारी का विवरण

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के डोभाल ढांडरी और कोटी गांव में वन विभाग की टीम ने एक चार साल के गुलदार को पिंजरे में कैद कर रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई तब की गई जब आस-पास के क्षेत्रों में गुलदार के हमलों की बढ़ती चिंताओं के कारण सुरक्षा की आवश्यकता महसूस की गई। गुलदार को नागदेव रेंज पौड़ी लाया गया, जहां पशु चिकित्सक उसकी स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं।

स्वास्थ्य जांच और आगे की कार्रवाई

गुलदार की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष पशु चिकित्सक की टीम को बुलाया गया था, जिन्होंने माना कि गुलदार पूरी तरह से स्वस्थ है। जांच के बाद, वन विभाग ने उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार अगले कदम उठाने का निर्णय लिया। जानवरों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग इस मामले में अत्यधिक सतर्क है।

जंगली जानवरों की समस्या

उत्तराखंड में जंगली जानवरों की बढ़ती समस्या को लेकर वन विभाग ने कई कदम उठाए हैं। इन क्षेत्रों में हाल के दिनों में गुलदार की गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई को क्षेत्र के निवासियों ने सराहा है। इसके साथ ही, वन विभाग ने इन जंगली जानवरों की सुरक्षा और उनके स्थानीय निवास की रक्षा के लिए कई उपाय भी किए हैं।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रियाएं

स्थानीय निवासियों ने वन विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनकी सुरक्षा में मदद मिलेगी। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हम सभी इस तथ्य से चिंतित थे कि गुलदार हमारे गांव में घुसपैठ कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि अब हम सुरक्षित महसूस करेंगे।"

वन विभाग की योजना और सुरक्षा उपाय

वन विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए ट्रैप कैमरे और पिंजरे का उपयोग किया है कि भविष्य में ऐसे जंगली जानवरों को नियंत्रित किया जा सके। यह योजना न केवल वन विभाग की सुरक्षा कार्य योजना को मजबूत करती है, बल्कि यह जंगली जानवरों के जीवन और उनके नियंत्रण से संबंधित मुद्दों को भी सुलझाने में मदद कर सकती है।

जानवरों और मानव बस्तियों के बीच संतुलन बनाने के लिए वन विभाग ने एक व्यापक कीटाणु नियंत्रण अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत, क्षेत्र में अवैध शिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

भावी प्रयासों के तहत, वन विभाग जंगली जानवरों की ट्रैकिंग और देखभाल के लिए और अधिक ट्रैप कैमरे लगाकर पर्यावरण की सुरक्षा और बायोडायवर्सिटी को बनाए रखने की दिशा में काम करेगा।

जानकारी के अनुसार, जैसे-जैसे समय बढ़ेगा, वन विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएं।

समाप्ति में, वन विभाग की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है जो कि न केवल क्षेत्र के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि जंगली जानवरों के संरक्षण के प्रति भी एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। इस बीच, यदि आप और अधिक अपडेट चाहते हैं, तो [यहां देखें](https://indiatwoday.com).

Team India Twoday, Neha Sharma

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