उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग को लेकर सरकार को घेरा

रैबार डेस्क:  नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर उत्तराखंड विधानसभा में विशेष चर्चा के दौरान नेता... The post विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण 2027 चुनाव से पहले लागू करे सरकार- कांग्रेस appeared first on Uttarakhand Raibar.

Apr 28, 2026 - 18:27
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उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग को लेकर सरकार को घेरा
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उत्तराखंड विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने उत्तराखंड विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की तात्कालिक जानकारी मांगी है। उन्होंने सरकार पर महिला अधिकारों के मुद्दे में विफल होने का आरोप लगाया है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा

उत्तराखंड विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक विशेष चर्चा के दौरान, विपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण करने में फेल हुई है। उन्होंने कहा, "सरकार को महिला आरक्षण कानून 2023 की मूल भावना का सम्मान करते हुए, 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों में महिलाएँ सीटों की संख्या का 33% आरक्षण तुरंत लागू करना चाहिए।"

उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार को संविधान संशोधन विधेयक लाना पड़ा, तो इसे बिना किसी देरी के विशेष सत्र बुलाकर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने में विलंब कर रही है, जो स्पष्ट करता है कि उसकी मंशा महिलाओं को उनके अधिकार देने की नहीं है।

सरकार की नीयत पर सवाल

यशपाल आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 के पारित होने के बावजूद, इसकी अधिसूचना को तीन साल तक रोके रखना सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह पूछने की आवश्यकता महसूस की कि आखिर इस कानून को लागू करने में इतनी देरी क्यों हुई।

उन्होंने कहा, "16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में जो तीन विधेयक प्रस्तुत किए गए, यदि वे पारित होते हैं और लोकसभा की सीटों में 50% की वृद्धि होती है, तो उत्तराखंड की हिस्सेदारी का प्रतिशत 0.93% से घटकर 0.72% रह जाएगा, जो राज्य के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।"

महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता

नेता प्रतिपक्ष ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चिंताओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "आज प्रदेश की महिलाएँ कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण में आरोपियों का अभी तक खुलासा न होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। कई अन्य मामलों में भी हम देखते हैं कि आरोपियों का संबंध सत्ता पक्ष से रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।”

हॉंल, उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में असफल रही है कि महिला सुरक्षा का मुद्दा गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने जंगली जानवरों के हमलों के बारे में भी बताया और कहा कि इस विषय पर भी सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

सदन के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस विधान मंडल दल ने महिला आरक्षण को फ़ौरन लागू करने की मांग को लेकर विधानसभा के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों की एकजुटता ने स्पष्ट रूप से दर्शाया कि यह मुद्दा कितना गंभीर है।

यशपाल आर्य ने विधानसभा में कांग्रेस के सभी विधायकों के हस्ताक्षरों के साथ महिला आरक्षण अधिनियम 2023 के तहत 33% आरक्षण लागू करने का संकल्प प्रस्तुत किया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया। यह निर्णय लोकतंत्र और महिलाओं के अधिकारों के साथ स्पष्ट अन्याय बताया गया।

कांग्रेस का यह संघर्ष सिर्फ एक राजनीतिक मांग नहीं है, बल्कि यह समाज के एक महत्वपूर्ण हिस्से का सवाल है। महिलाओं को समान अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए। उनकी आवाज़ का सम्मान होना चाहिए।

कांग्रेस के इस आंदोलन ने स्पष्ट किया है कि जब तक महिलाओं को उनके अधिकार नहीं मिलते, तब तक यह मुद्दा उठता रहेगा। यदि आप इस विषय में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट (India Twoday) पर जाएं।

सारांश में, यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप और एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। क्या सरकार इस समस्या का समाधान कर पाएगी? यह एक बड़ा प्रश्न बनकर सामने है।

सादर, टीम इंडिया टुडे - राधिका शर्मा

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