उत्तराखंड के फार्मा उद्योग को नई रफ्तार: IPC मानकों पर विमर्श

हरिद्वार : उत्तराखंड के तेजी से उभरते फार्मा सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से हरिद्वार में एसोसिएशन ऑफ देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज (एडीपीआई) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (आईपीसी) के नवीनतम गुणवत्ता मानकों और नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई। उत्तराखंड का फार्मा पावर, […] The post उत्तराखंड का फार्मा पावर, IPC मानकों पर मंथन, दवा उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार first appeared on Vision 2020 News.

Jun 10, 2026 - 18:27
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उत्तराखंड के फार्मा उद्योग को नई रफ्तार: IPC मानकों पर विमर्श
हरिद्वार : उत्तराखंड के तेजी से उभरते फार्मा सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से हरिद्वार में ए

उत्तराखंड के फार्मा उद्योग को नई रफ्तार: IPC मानकों पर विमर्श

हरिद्वार: उत्तराखंड में फार्मा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में हरिद्वार में एसोसिएशन ऑफ देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज (एडीपीआई) के तत्वावधान में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (आईपीसी) के नवीनतम गुणवत्ता मानकों और नियमों पर गहन चर्चा हुई। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

फार्मा उद्योग के लिए एक सकारात्मक बदलाव

यह कार्यक्रम, जिसमें हरिद्वार, देहरादून, रुड़की और रुद्रपुर की फार्मा इकाइयों के विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, ने उद्योग में गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य था कि उद्योग को आईपीसी के नए मानकों के बारे में अद्यतन जानकारी दी जाए।

आईपीसी के नियम और गुणवत्ता मानक

कार्यक्रम में आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक, डॉ. वी. कलाइसेल्वन ने कहा कि भारतीय औषध संहिता दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने का आधार है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र से गुणवत्ता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की। उत्तराखंड के राज्य औषधि नियंत्रक एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण, ताजबेर सिंह ने भी कहा कि प्रदेश का फार्मा उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और यदि इस उद्योग ने नियामकीय मानकों का पालन किया, तो वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।

नवीनतम तकनीकी जानकारियों का लाभ

एकम्स कंपनी के डायरेक्टर संदीप जैन ने इस सेमिनार के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उद्योगों को नई तकनीकी जानकारियां प्रदान करते हैं जिससे गुणवत्ता आधारित उत्पादन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने एडीपीआई की इस पहल को उद्योग के हित में अहम बताया। उत्तराखंड अब देश का प्रमुख फार्मा हब बन चुका है, जहां लगभग 20 प्रतिशत दवाओं का उत्पादन होता है। ऐसे में यह सेमिनार उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक कदम है।

उत्तराखंड का फार्मा पावर

उत्तराखंड के फार्मा सेक्टर में तेजी से विकास हो रहा है, जो इस सेमिनार का प्राथमिक कारण है। इस सेमिनार ने विभिन्न फार्मा इकाइयों को एक मंच पर लाकर उनके बीच संवाद और सहयोग के नए रास्ते खोलें हैं। दृष्टिगत रूप से, यह सेमिनार फार्मा उद्योग की नई दिशा और गति को प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड का फार्मा उद्योग अब नए IPC मानकों के अनुसार तेजी से मजबूती प्राप्त करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही, यह उद्योग नए तकनीकी ज्ञान से भी लैस होगा। अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें।

टीम इंडिया टुडे: साक्षी शर्मा

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