मुख्यमंत्री धामी ने नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र मिलने पर दी शुभकामनाएँ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार से तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के फांटो जोन में आयोजित नेचर गाइड प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। इस अवसर पर 180 महिला एवं पुरुष नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी […]
मुख्यमंत्री धामी ने नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र मिलने पर दी शुभकामनाएँ
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 180 नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र देने की प्रक्रिया में भाग लिया। यह कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुआ।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार से तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के फांटो जोन में आयोजित नेचर गाइड प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। इस अवसर पर 180 महिला एवं पुरुष नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइडों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ये प्रमाण-पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि युवाओं के कौशल, मेहनत और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नेचर गाइड स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात को खासतौर पर रेखांकित किया कि उन्हें खुशी है कि प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवा रिवर्स पलायन करके अपने गांव और प्रदेश लौट आए हैं। यह केवल इन युवाओं की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के गांवों में लौटते विश्वास, समृद्धि और रोजगार के अवसरों का प्रतीक है।
धामी ने कहा कि फांटो जोन आज केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि ईको-टूरिज्म और समुदाय आधारित पर्यटन का उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता एवं समृद्ध जैव विविधता ने इसे प्रख्यात बना दिया है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र टाइगर साइटिंग के लिए भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रकृति का संरक्षण हो और साथ ही स्थानीय समुदायों का जीवन समृद्ध बना रहे। ईको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय युवाओं और छोटे व्यापारियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि उत्तराखंड में रिवर्स पलायन की दर में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस बात का संकेत है कि अब गांव सिर्फ पुरानी यादों के नहीं, बल्कि नई संभावनाओं के केंद्र बन रहे हैं।
उन्होंने नेचर गाइडों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया, जो सिर्फ पर्यटकों को जंगल घुमाने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपरा के ब्रांड एम्बेसडर भी बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइडों और प्रदेशवासियों से प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया और जनभागीदारी के माध्यम से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में काम करने की आवश्यकता को बताया।
इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, और स्थानीय लोग बड़े पैमाने पर उपस्थित रहे।
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सादर,
Team India Twoday - साक्षी कुमारी
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