देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना में पेड़ों की कटाई पर रोक, सरकार सभी से करेगी संवाद
देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक […] The post देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन प्रोजेक्ट में पेड़ों की कटाई पर लगी रोक, सरकार करेगी सभी पक्षों से संवाद…. first appeared on Vision 2020 News.
देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना में पेड़ों की कटाई पर रोक, सरकार सभी से करेगी संवाद
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना की पेड़ों की कटाई पर रोक लग गयी है। उत्तराखंड की सरकार ने इसमें शामिल सभी पक्षों से संवाद स्थापित करने का फैसला लिया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों पर समुदाय की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इस परियोजना को लेकर हाल ही में कई नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग अपनी चिंताओं और सुझावों को प्रस्तुत कर रहे थे। उत्तराखंड की सरकार ने इन चिंताओं का गंभीरता से संज्ञान लिया है। यह फोरलेन परियोजना, जो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित है, एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है। इसके अंतर्गत माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के साथ-साथ सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों का पालन किया जा रहा था।
वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए
इस परियोजना में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई उपाय किए गए हैं। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। ये प्रयास मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में मदद करेंगे, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है।
जनभावनाओं का सम्मान
सरकार का मानना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन इसे जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर नहीं किया जाएगा। प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से विस्तृत संवाद स्थापित करें। सरकार प्रत्येक पक्ष के विचारों को सुनने के लिए प्रतिबद्ध है।
अगली कार्रवाइयों की योजना
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों और निर्णय का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति नहीं बन जाती, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा। उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएँ और प्रदेश का विकास, इन तीनों को समान रूप से महत्वपूर्ण मानते हुए सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर कदम उठाएगी।
इस संवाद और सभी पक्षों की चिंताओं को समझने के लिए योजना बनाना आवश्यक है। इससे स्थानीय समुदाय की आवाज़ को भी महत्व मिलने से अच्छा विकास संभव हो सकेगा।
For more updates, visit India Twoday.
सादर, टीम इंडिया टुडे, सुमन शर्मा
What's Your Reaction?