उत्तराखंड में वन्य जीव आधारित पर्यटन से स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद: सीएम धामी का ऐलान
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक लेते हुए, प्रदेश में मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के साथ ही वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वन्य जीव आधारित पयर्टन से बढ़ाई जाए […] The post वन्य जीव आधारित पयर्टन से बढ़ाई जाए स्थानीय लोगों की आर्थिकी, सीएम धामी ने दिए निर्देश first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड में वन्य जीव आधारित पर्यटन से स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद: सीएम धामी का ऐलान
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राष्ट्रीय बाघ संचालन समिति की बैठक में प्रदेश में वन्य जीव आधारित पर्यटन को विकसित करने और मानव-वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों और स्थानीय लोगों की आर्थिकी को सुधारने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की गई।
स्थानीय लोगों के लिए अवसरों का सृजन
सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को ध्यान में रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वन्य जीव आधारित पर्यटन से क्षेत्रीय विकास को गति मिले और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हों।
जलवायु परिवर्तन और मानव-वन्य जीव संघर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-वन्य जीव संघर्ष की समस्या को हल करने के लिए एक सच्ची कार्य योजना की आवश्यकता है। उन्होंने आग्रह किया कि नए उपायों को लागू करने के साथ-साथ जनसहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाया गया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों की मदद से इस संघर्ष को कम करने पर जोर दिया।
प्रभावी कार्ययोजना और पुरस्कार प्रणाली
धामी ने निर्देशित किया कि मानव-वन्य जीव संघर्ष में साहस दिखाने वाले लोगों को सरकारी स्तर पर पुरस्कार दिए जाने चाहिए। साथ ही, जिन व्यक्तियों को वन्य जीवों के हमले में नुकसान हुआ है, उनके लिए तय समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। यह प्रक्रिया प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
वन्यजीव संरक्षण के लिए तकनीकी उपाय
बैठक में बताया गया कि विभिन्न विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार किया गया है, जिनमें वन्य जीव संरक्षण की शर्तों का पालन अनिवार्य होगा। इसके लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) का गठन किया जाएगा और अन्य तकनीकी उपाय जैसे कैमरा ट्रैप, ड्रोन तकनीक, और सर्प बचाव किटों का प्रयोग किया जाएगा। उत्तरी क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वन कर्मियों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जैव विविधता और स्थायी विकास
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता और वन्य जीव संपदा के मामले में देश का प्रमुख राज्य है। राज्य में बाघ संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास और संरक्षण कार्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए।
आधुनिक तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में वन्य जीव कॉरिडोर, कैमरा ट्रैप और एआई आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल की तैनाती के बारे में भी बताया।
ऐसी नई पहलों के साथ, उम्मीद है कि उत्तराखंड का वन्य जीव आधारित पर्यटन न केवल स्थानीय आर्थिकी को बढ़ावा देगा, बल्कि मानव-वन्य जीव संघर्ष को भी कम करेगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें।
कम शब्दों में कहें तो, सीएम धामी ने माध्यम के जरिए वन्य जीव संरक्षण और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही है, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऐसे कदम निश्चित रूप से समाज और पर्यावरण के लिए लाभकारी होंगे। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सुनिता शर्मा
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