हरिद्वार कुंभ मेला 2027: स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृत किए ₹115.61 करोड़; 13 हजार से अधिक हाईटेक शौचालय लगेंगे

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की ७०वीं कार्यकारी समिति की बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-२०२७ के लिए ‘एकीकृत स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट तथा जनस्वास्थ्य प्रबंधन योजना’ के तहत ११५.६१…

Jun 12, 2026 - 09:27
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हरिद्वार कुंभ मेला 2027: स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृत किए ₹115.61 करोड़; 13 हजार से अधिक हाईटेक शौचालय लगेंगे
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की ७०वीं कार्यकारी समिति की बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-२०२७ के लि

हरिद्वार कुंभ मेला 2027: केंद्र सरकार की बड़ी पहल

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कम शब्दों में कहें तो हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के लिए केंद्र सरकार ने स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार के लिए ₹115.61 करोड़ की धनराशि मंजूर की है। इस योजना के अंतर्गत 13 हजार से अधिक हाईटेक शौचालय स्थापित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की महत्वपूर्ण बैठक

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की 70वीं कार्यकारी समिति की बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए एकीकृत स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट तथा जनस्वास्थ्य प्रबंधन योजना के तहत ₹115.61 करोड़ का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया गया है। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है और इसके जरिए कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और संतों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

उद्देश्य और महत्त्व

इस मेगा प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान स्वच्छता को बढ़ावा देना और अपशिष्ट प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है। आगामी कुंभ मेले की भव्यता के साथ यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

हाईटेक शौचालय और उनकी सुविधाएं

इस पहल के अंतर्गत, 13 हजार से अधिक हाईटेक शौचालय स्थापित किए जाएंगे, जो स्वच्छता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। ये शौचालय न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, बल्कि स्वच्छता के मानदंडों को भी पूरा करेंगे। यह कदम उन श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करेगा, जो साल भर इंतज़ार करते हैं इस पवित्र मेले का।

स्वच्छता का महत्व

स्वच्छता केवल एक सरकारी प्रयास नहीं है, बल्कि यह गंगा की पवित्रता और हरिद्वार की धार्मिकता से जुड़ी एक जिम्मेदारी है। कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना हर किसी की प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वच्छता न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।

अंत में

हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के लिए यह अनुदान और सरकार की योजनाएं दर्शाती हैं कि देश की धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस प्रकार की योजनाओं के माध्यम से न केवल धार्मिक भावनाओं को सम्मान दिया जा रहा है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा और जन स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

इससे साफ है कि हरिद्वार कुंभ मेला 2027 एक यादगार और स्वच्छ अनुभव देने के लिए तैयार किया जा रहा है।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे, प्रिया शर्मा

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