कांग्रेस के सम्मेलन में बेबसी की मिसाल, विधायक मयूख महर के नाराज होते ही भड़की पार्टी में कलह
रैबार डेस्क: विधानसभ चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के भीतर अंतर्विरोध और गुटबाजी रह... The post कांग्रेस के कार्यक्रम में साफ दिखी कलह, पार्टी अध्यक्ष के सामने विधायक मयूख महर नाराज होकर कार्यक्रम से निकले appeared first on Uttarakhand Raibar.
कांग्रेस के सम्मेलन में बेबसी की मिसाल, विधायक मयूख महर के नाराज होते ही भड़की पार्टी में कलह
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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस के पिथौरागढ़ सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल के सामने विधायक मयूख महर ने नाराज होकर कार्यक्रम छोड़ दिया, जिससे पार्टी में विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
पार्टी के लिए आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारी कर रहे कांग्रेस में इन दिनों अंतर्विरोध और गुटबाजी की समस्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में पिथौरागढ़ में आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ ने इस स्थिति को और उजागर कर दिया। जब पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल कार्यक्रम में मौजूद थे, उस समय विधायक मयूख महर अचानक नाराज होकर सभा से चले गए। उनके समर्थकों ने काफी हंगामा करते हुए नारेबाजी की, जिसने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश भर में बदलाव की दिशा में जोर देने के लिए आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के दौरान विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने मयूख महर के नगर निगम चुनाव में बगावत का जिक्र किया। उनके शब्दों ने मयूख महर के समर्थकों को उकसाते हुए नाराजगी का माहौल पैदा कर दिया। इसी दौरान विधायक महर मंच पर नाराज होकर सभा से बाहर निकल गए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने भावना नगरकोटी से आग्रह किया कि वे अपना संबोधन समाप्त करें, लेकिन वे लगातार बोलती रहीं। स्थिति को सुधारने के लिए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी अपनी सीट से उठकर आए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मयूख महर समर्थकों के साथ सभागार से बाहर की ओर बढ़ गए। उनके बाहर जाने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘मयूख महर मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, जिसने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।
मयूख महर ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोग पार्टी की प्रगति से चिंतित हैं और वे जानबूझकर सम्मेलन का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि भावना नगरकोटी ने मंच पर आकर अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें और उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया, जिससे वे सहमत नहीं हो सके और कार्यक्रम छोड़ने का निर्णय लिया।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस विवाद पर कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं से संयम रखने का आह्वान करते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसी स्थिति में कभी-कभी छिटपुट विवाद पैदा हो जाते हैं और पूरी पार्टी को उनके आसपास की समस्याओं के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा, “500 लोगों में कौन क्या प्रतिक्रिया दे सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता। मैं खुद मयूख महर से बात करूंगा।”
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस में आंतरिक एकता की आवश्यकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस उलझन को सुलझाने के लिए अधिक प्रयास करने का संकल्प लिया है। हाल के विवादों ने चुनावों से पहले पार्टी की स्थिति को खतरे में डाल दिया है।
अंत में कहा जा सकता है कि कांग्रेस में गुटबाजी और अंतर्विरोध यदि कम नहीं हुए तो चुनावों में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। क्या पार्टी अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझा पाएगी या यह स्थिति और बिगड़ेगी? इस पर सभी की निगाहें अब घूम गई हैं।
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सादर,
निधि शर्मा
Team India Twoday
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