कांग्रेस ने NIEPVD कर्मचारियों के पेंशन बंदी के खिलाफ दिया समर्थन, धस्माना ने राहुल गांधी से संसद में उठाने का किया वादा

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून के गेट पर धरना दे रहे सैकड़ों पेंशनभोगी और वर्तमान कर्मचारियों को उत्तराखंड कांग्रेस ने पूर्ण समर्थन दिया है। एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आज धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच खड़े होकर केंद्र सरकार के इस फैसले की …

Feb 5, 2026 - 09:27
 58  31575
कांग्रेस ने NIEPVD कर्मचारियों के पेंशन बंदी के खिलाफ दिया समर्थन, धस्माना ने राहुल गांधी से संसद में उठाने का किया वादा

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून के गेट पर धरना दे रहे सैकड़ों पेंशनभोगी और वर्तमान कर्मचारियों को उत्तराखंड कांग्रेस ने पूर्ण समर्थन दिया है। एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आज धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच खड़े होकर केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की।

श्री धस्माना ने घोषणा की कि संस्थान के पेंशनभोगी कर्मचारियों की पेंशन 1 जनवरी 2026 से बंद किए जाने का मुद्दा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उठाने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कल ही इस संबंध में राहुल गांधी को विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।

धस्माना ने कहा, “यह सबसे बड़ा अफसोस की बात है कि दशकों से पेंशन पा रहे कर्मचारियों को अब पेंशन नहीं देने का कर्मचारी-विरोधी निर्णय केंद्र सरकार के अधीन इस स्वायत्त संस्थान ने लिया है। मोदी सरकार कर्मचारी, किसान, नौजवान, बेरोजगार और विद्यार्थी विरोधी है। इस सरकार ने माध्यम वर्गीय और गरीब जनता के खिलाफ कई निर्णय लिए हैं।” उन्होंने पेंशन बंद करने को क्रूर बताया और कहा कि यह वरिष्ठ नागरिकों का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न है।

उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार धार्मिक शोषण कर रही है और सनातन धर्म व हिंदुत्व के नाम पर जन-विरोधी फैसले ले रही है। कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर हमेशा कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी।

धरने को एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश कुकरेती, उपाध्यक्ष हरीश पंवार, हिमांशु थापा, एस.सी. बिनजोला और जगदीश लखेडा ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं, बुजुर्ग और वर्तमान कर्मचारी शामिल रहे।

NIEPVD (पूर्व में NIVH) दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए काम करने वाला प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है, जहां दृष्टिबाधित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की यह समस्या गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि पेंशन बहाल की जाए और उनके अधिकारों की रक्षा हो।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow