देहरादून में कांग्रेस का महासम्मेलन: "संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ" - 3 दिसंबर को ऐतिहासिक आयोजन

देहरादून कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए 3 दिसंबर को बड़ा हमला बोला है। पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के तत्वावधान में राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय) में सुबह 11 बजे से “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” विशाल सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। …

Dec 1, 2025 - 18:27
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देहरादून में कांग्रेस का महासम्मेलन: "संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ" - 3 दिसंबर को ऐतिहासिक आयोजन
देहरादून कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगा

देहरादून में कांग्रेस का महासम्मेलन: "संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ"

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस पार्टी ने 3 दिसंबर को देहरादून में एक विशाल महासम्मेलन आयोजित किया है जिसका मुख्य विषय है "संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ"। इस सम्मेलन में पार्टी ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए संविधान और लोकतंत्र को कमज़ोर करने का विरोध किया है।

देहरादून में आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय) में सुबह 11 बजे से होगी। इसकी अध्यक्षता पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा की जा रही है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) एवं AICC सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। उनका मानना है कि भाजपा-आरएसएस के कृत्यों से लोकतंत्र खतरे में है।

प्रमुख नेताओं की मौजूदगी

इस महासम्मेलन में कई प्रमुख नेता शामिल होंगे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, CWC सदस्य करण माहरा, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल शामिल हैं। इन सभी नेताओं के एकत्र होने से यह सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण बन जाता है।

संविधान की रक्षा के लिए संकल्प

धस्माना ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता संविधान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक बलिदान देने के लिए तैयार है। इस महासम्मेलन के बाद पूरे प्रदेश में एक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य भाजपा की कथित साजिशों का पर्दाफाश करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता इस सम्मेलन में शामिल होंगे।

राजनीतिक स्थिति पर नज़र

कांग्रेस पार्टी का यह महासम्मेलन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते राजनीतिक तनाव और संवैधानिक मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए धस्माना ने कहा कि यह जरूरी है कि संविधान को बचाया जाए और लोकतंत्र की रक्षा की जाए। इस दृष्टिकोण से यह सम्मेलन सिर्फ एक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक मंशा का प्रतीक है।

इस महासम्मेलन के विषय में कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह कांग्रेस के आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे पार्टी न केवल अपने आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, बल्कि इसे एक नये विचारधारा के रूप में भी पेश कर रही है। जिस तरह से पार्टी ने पिछले दिनों विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है, यह सम्मेलन उसी का एक हिस्सा है।

कांग्रेस का यह महासम्मेलन केवल एक मोड़ नहीं है, बल्कि यह पार्टी की एक नई दिशा का संकेत भी है, जिसमें वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट कर रहे हैं। साथ ही, यह भी ध्यान देने योग्य है कि भाजपा द्वारा उठाए जा रहे कदमों के खिलाफ एक सशक्त आवाज उठाने की ज़रूरत है।

अंत में, यह सम्मेलन कांग्रेस पार्टी के भविष्य और उसके विचारों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित हो सकता है। इसके परिणामों का असर आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है। कांग्रेस की योजना है कि वे इस सम्मेलन के बाद अपने अभियान को अधिक व्यापक बनाएं और विभिन्न मुद्दों पर लोगों को जागरूक करें।

इस सम्मेलन के बारे में सभी जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया India Twoday पर जाएँ।

यह खबर टीम इंडिया ट्वोडे की राधिका कुमारी द्वारा प्रस्तुत की गई है।

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