केदारकांठा विंटर फेस्टिवल: सीएम धामी का संदेश, शीतकालीन पर्यटन के जरिये बनाएं आत्मनिर्भर उत्तराखंड
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित... The post केदारकांठा विंटर फेस्टिवल में बोले सीएम धामी, विंटर टूरिज्म है आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव appeared first on Uttarakhand Raibar.
केदारकांठा विंटर फेस्टिवल: सीएम धामी का संदेश, शीतकालीन पर्यटन के जरिये बनाएं आत्मनिर्भर उत्तराखंड
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में केदारकांठा विंटर फेस्टिवल के दौरान शीतकालीन पर्यटन को आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बताया। ग्रामीणों और पर्यटकों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्थानीय संसाधनों के महत्व पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में भाग लिया। इस समारोह के दौरान उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह उत्तराखंड को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में एक योगदान दे सकता है।
सांकरी, जो तेजी से उभरते पर्यटन केंद्र के रूप में जाना जाता है, में पहुंचे मुख्यमंत्री का पारंपरिक ऊनी परिधान पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने केदारकांठा जाने वाले पर्यटकों को हरी झंडी दिखाकर समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से संवाद किया एवं विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
सांकरी: उत्तराखंड की संस्कृति का जीवंत संग्रहालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांकरी सिर्फ एक गांव नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। उन्होंने स्थानीय लोगों के गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यहां की पारंपरिक वास्तुकला, लोक संस्कृति और पर्वतीय जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है।
उन्होंने इस महोत्सव को उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव बताते हुए इसे ‘विकास भी–विरासत भी’ की सोच के प्रतीक के रूप में देखा।
अभूतपूर्व उत्साह और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन के प्रति अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल और पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इसके फलस्वरूप इन क्षेत्रों से पलायन की दर में कमी आ रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शीतकालीन पर्यटन से स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्प के लिए नए बाजार मिलने की संभावना है। यह स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को भी बढ़ावा देगा।
सरकारी पहलों का महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण और सड़क परियोजनाओं जैसे कई विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने सिलक्यारा टनल हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालना सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
इस महोत्सव का लक्ष्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि इससे स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी आगे लाना है। मुख्यमंत्री ने सभी से इस महोत्सव का हिस्सा बनने और उत्तराखंड के विकास में सहयोग करने की अपील की।
शीतकालीन पर्यटन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि यह एक स्थायी और समृद्ध विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा
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