गोरखपुर को मिली रोडवेज बस सेवा की सौगात, 25 वर्षों बाद शुरू हुआ संचालन
उधम सिंह नगर। जिले की जसपुर विधानसभा से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे संघर्ष और अथक प्रयासों के बाद आखिरकार जसपुर में सरकारी रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया है। उत्तराखंड राज्य गठन के करीब 25 वर्ष बाद क्षेत्रवासियों को रोडवेज बस अड्डे की सुविधा मिलने का रास्ता साफ […] The post जसपुर को मिली रोडवेज बस सेवा की सौगात, 25 साल बाद शुरू हुआ संचालन first appeared on Vision 2020 News.
गोरखपुर को मिली रोडवेज बस सेवा की सौगात, 25 वर्षों बाद शुरू हुआ संचालन
उधम सिंह नगर। जिले की जसपुर विधानसभा से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे संघर्ष और अथक प्रयासों के बाद आखिरकार जसपुर में सरकारी रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया है। उत्तराखंड राज्य गठन के करीब 25 वर्षों बाद क्षेत्रवासियों को रोडवेज बस अड्डे की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
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शुक्रवार को उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री विनय कुमार रुहेला ने जसपुर-काशीपुर मार्ग पर वार्ड नंबर-15, मोहल्ला गांगूवाला में प्रस्तावित रोडवेज बस अड्डा स्थल का उद्घाटन किया। यह भूमि बीएसबी इंटर कॉलेज के पीछे खसरा संख्या 281 में स्थित है, जिसे परिवहन विभाग को बस अड्डा निर्माण के लिए उपलब्ध कराया गया है।
इस कार्यक्रम के दौरान एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें काशीपुर भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजकुमार चौहान, भाजपा नेता राजकुमार गुंबर, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। मंत्री विनय रुहेला का पुष्पमालाओं के साथ स्वागत किया गया, और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मंत्री रुहेला का आभार व्यक्त किया गया।
इसके बाद, मंत्री विनय रुहेला ने फीता काटकर बस अड्डे का औपचारिक शुभारंभ किया और हरी झंडी दिखाकर रोडवेज बसों के संचालन की शुरुआत की। मंत्री ने स्वयं भी बस में बैठकर प्रतीकात्मक रूप से टिकट लेकर यात्रा की। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी राहुल शाह और तहसीलदार दिलीप सिंह नेगी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
मीडिया से बात करते हुए मंत्री विनय रुहेला ने बताया कि इस परियोजना की प्रक्रिया वर्ष 2011 में शुरू हुई थी। उस समय रोडवेज बस अड्डे को स्वीकृति भी मिली थी, लेकिन विभिन्न कारणों और राजनीतिक विवादों के चलते इसका संचालन रुक गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और उनके निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रशासन ने भूमि का चयन किया और प्रस्ताव बनाकर परिवहन विभाग को निःशुल्क भूमि आवंटित की गई।
मंत्री ने यह भी बताया कि यह मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा था, जिसका अब निराकरण हो चुका है। फिलहाल स्थायी बस अड्डे के निर्माण तक बसों का संचालन प्रस्तावित स्थल से किया जाएगा। यात्रियों के लिए यहीं से बसों में चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि बस अड्डे के विकास के लिए लगभग 7 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त रोडवेज बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा, जिसमें यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, वर्कशॉप, कैंटीन, पेट्रोल पंप और अन्य आवश्यक सुविधाएं होगी।
मंत्री ने उम्मीद जताई कि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी अथवा अन्य बाधा उत्पन्न नहीं होगी और जसपुर क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक रोडवेज बस अड्डा मिल सकेगा। इस फैसले से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और उन्होंने इसका स्वागत किया है।
कम शब्दों में कहें तो, जसपुर को मिली रोडवेज बस सेवा की सौगात ने 25 वर्षों की प्रतीक्षा को समाप्त कर दिया है और स्थानीय निवासियों के लिए यात्रा की सुविधा में वृद्धि होगी।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे
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