मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम में पांच दिवसीय धार्मिक महोत्सव का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में की प्रतिभागिता मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मैन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम […] The post मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में की प्रतिभागिता first appeared on Vision 2020 News.

Nov 21, 2025 - 18:27
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम में पांच दिवसीय धार्मिक महोत्सव का उद्घाटन किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं स

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम में पांच दिवसीय धार्मिक महोत्सव का उद्घाटन किया

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय धार्मिक और सामाजिक महोत्सव में भाग लिया, जहां उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया और संत-महात्माओं के योगदान को सराहा। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

रुड़की : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जीवनदीप आश्रम में आयोजित भव्य पांच दिवसीय धार्मिक और सामाजिक महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने परम पूजनीय संत-महात्माओं और धर्माचार्यों का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज जीवन्त तीर्थ के समान होता है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संतों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनकी दिव्य उपस्थिति से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने उल्लेख किया कि जीवनदीप सेवा न्यास इस महोत्सव के माध्यम से विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिनमें शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण एवं 5 कन्याओं का सामूहिक विवाह शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शहीद चौक हमारे अमर बलिदानियों के साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मारक है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि मैन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, "स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज ने राष्ट्र, धर्म और मानवता की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है, जो समाज को त्याग और सेवा का एक पवित्र मार्ग दिखाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, गौ-संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री धामी का धार्मिक महोत्सव में भाग लेते हुए

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्वभर में मान्यता मिल रही है। उन्होंने राष्ट्रीय और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें भव्य राम मंदिर, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम, और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

उन्होंने कहा, "हम उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के प्रयास में हैं।" इसके तहत केदारखंड और मानसखंड मंदिरों के सौंदर्यीकरण और हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर जैसे विकास कार्य भी किए जा रहे हैं।

राज्य की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए सरकार के संकल्प की बात की। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, और अन्य कड़े कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की और सुनिश्चित किया कि ऐसे मामलों में सख्ती से निपटा जाएगा।

उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने इसे "विकल्प रहित संकल्प" कहा।

मुख्यमंत्री धामी का आयोजन में आशीर्वाद देते हुए

साथ ही, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी ने भी इस महोत्सव की सराहना करते हुए 1100 कन्याओं के पूजन और सामूहिक विवाह का महत्व बताया। उन्होंने सभी कन्याओं को शुभकामनाएं दी कि उनका जीवन सुखमय और समृद्ध हो।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन किया और उन्हें उपहार प्रदान किए। इस महोत्सव में अनेक संत, जनप्रतिनिधि, और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।

अंत में, यह महोत्सव न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है, जो हमारे समाज के अटूट संबंधों को और मजबूत करेगा। For more updates, visit India Twoday

इस अवसर पर अनेक संत, जनप्रतिनिधि, और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सादर,
Team India Twoday - नंदिता शर्मा

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