बीजेपी नेता प्रणव सिंह चैंपियन की लैंड क्रूजर के 28 चालान, RTO का नोटिस, RC रद्द की जा सकती है
रैबार डेस्क: विवादों में रहने वाले भाजपा नेता प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर सुर्खियों... The post चैंपियन की लैंड क्रूजर कार के हुए 28 चालान, RTO ने भेजा नोटिस, RC हो सकती है रद्द appeared first on Uttarakhand Raibar.
बीजेपी नेता प्रणव सिंह चैंपियन की लैंड क्रूजर के 28 चालान, RTO का नोटिस, RC रद्द की जा सकती है
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कम शब्दों में कहें तो, बीजेपी के विवादित नेता प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके बेटे दिव्य प्रताप सिंह की वजह से यह मामला और बढ़ गया है, जिसमें उनकी लैंड क्रूजर कार के 28 चालान होने की जानकारी सामने आई है। देहरादून आरटीओ ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उनसे नोटिस जारी किया है।
बेटा दिव्य प्रताप सिंह और झगड़े का मामला
इस घटना की शुरुआत 15 नवंबर को राजपुर रोड पर हुई, जब दिव्य प्रताप सिंह का झगड़ा उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस रामास्वामी के बेटे आर यशोवर्धन के साथ हुआ था।
इस झगड़े की वजह से यशोवर्धन ने दिव्य के खिलाफ मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों के बीच का विवाद कार को ओवरटेक करने को लेकर था। दिलचस्प बात यह है कि दिव्य उसी लैंड क्रूजर में सवार थे, जिसके पिछले पांच सालों में कुल 28 चालान हुए हैं। यह कार 2019 में देहरादून आरटीओ कार्यालय में रजिस्टर्ड है और इसका रजिस्ट्रेशन प्रणव सिंह चैंपियन के नाम है।
RTO द्वारा जारी नोटिस
आरटीओ की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कार के ओवरस्पीड के कारण विभिन्न राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और उत्तराखंड—में 28 चालान काटे गए हैं। आरटीओ ने प्रणव सिंह चैंपियन को नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर अपने वाहन चालक के ओरिजिनल लाइसेंस सहित आरटीओ कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो उनकी कार की RC रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।
दिव्य प्रताप सिंह के बयान का मामला
इस बीच, राजपुर रोड के मामले में दिव्य प्रताप सिंह पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं। उन्हें पुलिस द्वारा तीन दिन के भीतर अपने बयान दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसका आज आखिरी दिन है। हालांकि, दिव्य ने पुलिस से संपर्क किया है और कहा है कि वह रात के समय वीडियो कांफ्रेंस के द्वारा अपने बयान दर्ज करवा सकते हैं।
इस पूरे मामले का महत्व
ये घटनाएं न केवल प्रणव सिंह चैंपियन के परिवार पर बल्कि भारतीय राजनीति में उनकी छवि पर भी बड़ा असर डाल सकती हैं। खासकर तब जब कार पर लगे चालान उनकी प्राथमिकता और जिम्मेदारियों पर सवाल उठाते हैं। ऐसे विवादित मामलों में अक्सर राजनीतिक दलों को भी अपने आचरण पर नजर रखने की आवश्यकता पड़ती है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति में जिम्मेदारी और आचार-व्यवहार कितनी महत्वपूर्ण होती है। प्रणव सिंह चैंपियन को अब इस मामले का सामना करना होगा और देखना होगा कि वे इस चुनौती का किस प्रकार सामना करते हैं।
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सादर, टीम इंडिया ट्वोडे - अनु कुमारी
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