चिन्यालीसौड़ नगर पालिका में करोड़ों के कार्यों पर अनियमितताएं, उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश
उत्तरकाशी। नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ में विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उपजिलाधिकारी स्तर पर गठित जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की संस्तुति की है। …
चिन्यालीसौड़ नगर पालिका की अनियमितताओं पर गंभीर सवाल, उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ नगर पालिका में विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सभासदों द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। उपजिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है।
उत्तरकाशी में उपस्थित चिन्यालीसौड़ नगर पालिका परिषद के सभासदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठकों में उनकी अनदेखी की जा रही है, विकास कार्यों की जानकारी सामान्य जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई जा रही और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पाई जा रही है। सभासदों ने नगर पालिका द्वारा कराए गए सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, निर्माण कार्यों और कूड़ा प्रबंधन से जुड़े सभी कार्यों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की थी।
निष्कर्ष में आए चौंकाने वाले तथ्य
कई बार टली जांच, और ताज़ा तथ्य
शिकायत मिलने के पश्चात अप्रैल 2026 में जांच आरंभ हुई, किन्तु विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के चलते इसे कई बार स्थगित करना पड़ा। अंततः 23 अप्रैल को जांच समिति ने चिन्यालीसौड़ में आवश्यक अभिलेखों की जांच की और 6 मई को अध्यक्ष मनोज कोहली एवं अन्य सभासदों का पक्ष सुना।
वाहनों की लॉग बुक में कमियां
जांच में सामने आईं कई खामियां
जांच के दौरान समिति को नगर पालिका के वाहनों की लॉग बुक में अनेक खामियां मिलीं। ऐसे कई वाकये पाए गए जहाँ प्रतिदिन संबंधित अधिकारी या चालक के हस्ताक्षर अनुपस्थित थे। विशेषकर, वाहन संख्या UK07CA4695 की लॉग बुक में 25 जनवरी 2025 से 27 फरवरी 2026 तक 23 दिनों की यात्रा दर्ज की गई थी, लेकिन केवल तीन यात्राओं का ही सत्यापन किया जा सका।
निविदा और कार्य आवंटन के नियमों की अनदेखी
गंभीर टिप्पणियां
समिति ने निविदा प्रक्रिया में भी अनियमितताओं को उजागर किया है। कई मामलों में कोटेशन की समय सीमा बढ़ाई गई और एक ही ठेकेदार को अनेक कार्य आवंटित किए गए, जो प्रतिस्पर्धा की भावना के विपरीत है।
अनियमितता की आशंकाएं
डस्टबिन और सोलर लाइट खरीद पर सवाल
नगर पालिका द्वारा डस्टबिन खरीद में भी अनियमितता की चर्चा की गई है। 50 डस्टबिन 4200 रुपये प्रति यूनिट और 25 डस्टबिन 7600 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदे गए, जिसे अधिक कीमत पर खरीदने का संकेत माना जा रहा है। इसके उपरांत, नागराजा मंदिर में 21 सोलर लाइट खरीदने का रिकॉर्ड पाया गया, जिसकी प्रति यूनिट कीमत 18,400 रुपये है।
फाइनेंसियल पारदर्शिता की कमी
खर्च का विवरण गायब
जांच रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण बिंदु है वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा मामला। समिति के अनुसार, 1 फरवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के मध्य नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ को प्राप्त 11.66 करोड़ रुपये के व्यय का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
निविदा प्रकाशन प्रक्रिया पर आपत्ति
असामान्य प्रक्रिया
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि निविदाएं दैनिक भास्कर के उत्तरकाशी संस्करण में प्रकाशित की गईं थीं, जिसका जिले में प्रभावी प्रसार नहीं है। यह आशंका जताई गई कि इससे कुछ विशेष ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की मंशा हो सकती है।
संभावित ठेकेदारों में अनियमितता
दस्तावेजों का पुनर्जीवित होना
जांच में यह भी सामने आया कि किसी ठेकेदार को तीन से अधिक कार्य आवंटित किए गए। उसकी प्रमाणित हैसियत का पत्र उपजिलाधिकारी के बजाय राजस्व उपनिरीक्षक द्वारा जारी किया गया था, जिसे समिति ने गंभीरता से लिया है।
फिर से हुई जांच की सिफारिश
जांच के पश्चात समिति ने तीन महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं, जिनमें अध्यक्ष और सभासदों के बीच टकराव को समाप्त करना, अधिशासी अधिकारी वीरेन्द्र पंवार के स्थानांतरण पर विचार करना, और 7 फरवरी 2025 से 28 मार्च 2026 तक हुए सभी कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराना शामिल है।
समिति ने इसकी स्पष्ट व्याख्या करते हुए कहा है कि चिन्यालीसौड़ नगर पालिका के विकास कार्यों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शासनादेशों के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए। अब यह देखना है कि जिला प्रशासन और शासन इस रिपोर्ट पर सक्रियता से क्या कदम उठाते हैं।
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भवदीय, सुमन गुप्ता
Team India Twoday
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