देहरादून: नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड में लापरवाही, अधिशाषी अभियंता निलंबित

रैबार डेस्क: देहरादून में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में... The post नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड बनाने में बरती गई लापरवाही, अधिशाषी अभियंता निलंबित appeared first on Uttarakhand Raibar.

Aug 8, 2026 - 09:27
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देहरादून: नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड में लापरवाही, अधिशाषी अभियंता निलंबित
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नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंसने का मामला: अधिशाषी अभियंता को निलंबित किया गया

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड की धंसने की घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

देहरादून में टौंस नदी पर बने 16 करोड़ रुपये की लागत वाले नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड हाल ही में भारी बारिश के कारण 28 जुलाई 2026 को धंस गई थी। इस गम्भीर मामले में शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियंता का निलंबन किया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि एप्रोच रोड की डिजाइन में लापरवाही बरती गई थी।

जांच में सामने आई खामियां

लोकनिर्माण विभाग की अनुसंधान टीम ने पाया कि डिजाइन कंसल्टेंसी द्वारा रिवर डायवर्जन वर्क को नजरअंदाज किया गया, जो कि एक बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा, नदी किनारे से क्रॉस स्लोप बनाने के मानकों में भी काफी खामियां पाई गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि नदी का प्रवाह एक ही स्पान की ओर केंद्रित हो गया, जिससे एप्रोच रोड पर बड़ा गड्ढा बन गया। Nanda ki Chowki Bridge Collapse

राजनीतिक दलों और जनता की प्रतिक्रिया

इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों और जनता की ओर से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही थी। समाज में यह भावना पनप रही थी कि इस प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। लोगों ने उचित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

निलंबन की प्रक्रिया और उसके कारण

निलंबन की प्रक्रिया तीव्रता से की गई, जिसका आदेश लोकनिर्माण विभाग से आया। राजेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने का यह निर्णय लापरवाही के स्पष्ट प्रमाणों के बाद लिया गया, जिससे यह दृश्य स्पष्ट होता है कि शासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। ऐसे मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

इस पूरी घटना से यह स्पष्ट होता है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन न केवल निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

आगे की जांच में सक्षम अधिकारियों की कड़ी निगरानी और उचित दिशा-निर्देश की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियों से बचा जा सके।

इस मामले पर और अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें और यहाँ क्लिक करें.

सादर, टीम इंडिया टुडेज (शिल्पा शर्मा)

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